नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (जीटीआरआई) ने शनिवार को कहा कि व्यापार लागत कम करने, विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने और निर्यात बढ़ाने के लिए भारत को अपनी आयात शुल्क संरचना और सीमा शुल्क प्रशासन में व्यापक बदलाव करना होगा।
जीटीआरआई ने अगले तीन वर्षों में ज्यादातर औद्योगिक कच्चे माल और प्रमुख मध्यवर्ती वस्तुओं पर शून्य शुल्क घोषित करने और तैयार औद्योगिक वस्तुओं पर लगभग पांच प्रतिशत का मानक शुल्क लागू करने का सुझाव भी दिया।
थिंक टैंक ने विपरीत शुल्क संरचना को खत्म करने पर जोर दिया है, जहां तैयार उत्पादों की तुलना में कच्चे माल पर अधिक कर लगाया जाता है, जिससे घरेलू विनिर्माण की प्रतिस्पर्धात्मकता धीरे-धीरे कम हो जाती है।
जीटीआरआई ने कहा कि शराब पर 150 प्रतिशत जैसे अत्यधिक शुल्क को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी दरें कर चोरी को बढ़ावा देती हैं जबकि राजकोषीय लाभ नगण्य होता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि शुल्क सुधार कुल आयात शुल्क पर आधारित होना चाहिए, न कि केवल मूल सीमा शुल्क पर।
भाषा पाण्डेय
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