नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय बिजली तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल बृहस्पतिवार को भूटान की चार दिवसीय यात्रा पर पहुंचे। इस दौरान दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ताओं का मुख्य केंद्र ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना विकास रहेगा।
विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा और विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अतिरिक्त, मनोहर लाल ने भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योंपो गेमे शेरिंग के साथ भी बैठक की। इस बैठक में जलविद्युत क्षेत्र में जारी सहयोग को मजबूत करने और भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा (सौर या पवन ऊर्जा जैसे कभी न खत्म होने वाले स्रोत) तथा क्षेत्रीय बिजली व्यापार की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ‘पुनात्सांगछू-दो’ जलविद्युत परियोजना के लिए बिजली की दरों से जुड़े नियमों पर हस्ताक्षर किए गए। यह 1020 मेगावाट की परियोजना भारत और भूटान के बीच जलविद्युत सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस परियोजना से अतिरिक्त बिजली का भारत को निर्यात सितंबर, 2025 से ही शुरू हो चुका है।
दोनों पक्षों ने बिजली ग्रिड की स्थिरता और सीमा पार बिजली के व्यापार को अधिक सुचारू बनाने के लिए एक तकनीकी ढांचे पर सहमति व्यक्त की।
मंत्रालय के अनुसार, भारत और भूटान के बीच आपसी विश्वास पर आधारित अनुकरणीय संबंध हैं और यह यात्रा इन संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें गैर-जलविद्युत ऊर्जा, बिजली पारेषण और परियोजनाओं के वित्तपोषण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
भाषा सुमित अजय
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