नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी 9-10 अप्रैल को कतर की दो-दिवसीय यात्रा पर रहेंगे।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि पुरी 9-10 अप्रैल को कतर के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। हालांकि, इस यात्रा के एजेंडा का विवरण नहीं दिया गया है।
मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि इस दौरान होने वाली चर्चा के बारे में जानने के लिए यात्रा समाप्त होने तक इंतजार करना होगा।
कतर भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और रसोई गैस (एलपीजी) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। यह भारत को लगभग 45 प्रतिशत एलएनजी एवं 20 प्रतिशत एलपीजी की आपूर्ति करता है।
पेट्रोलियम मंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका एवं ईरान के बीच संघर्ष विराम की संभावनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जगी है।
भारत अपनी प्राकृतिक गैस की करीब आधी और एलपीजी की लगभग दो-तिहाई जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें अधिकांश आपूर्ति पश्चिम एशिया से होती है।
माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान ऊर्जा आपूर्ति बहाल करने, मौजूदा समझौतों की समीक्षा करने और द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, पुरी ऊर्जा आपूर्ति बहाल होने पर भारत को प्राथमिकता देने का कतर से अनुरोध कर सकते हैं।
भाषा प्रेम
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प्रेम अजय
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