एआई अवसंरचना में संपर्क अहम, मार्वेल बन सकती है हजार अरब डॉलर की कंपनी: एनवीडिया सीईओ

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एआई अवसंरचना में संपर्क अहम, मार्वेल बन सकती है हजार अरब डॉलर की कंपनी: एनवीडिया सीईओ

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 02:29 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 02:29 PM IST

(रूपाली दीक्षित)

ताइपे, तीन जून (भाषा) चिप विनिर्माता कंपनी एनवीडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेंसन हुआंग ने अगली पीढ़ी के कृत्रिम मेधा (एआई) ढांचे को सशक्त बनाने में संपर्क के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया है।

मार्वेल टेक्नोलॉजी के प्रमुख मैट मर्फी के साथ ‘कंप्यूटेक्स 2026’ मंच साझा करते हुए हुआंग ने कहा कि इस सेमीकंडक्टर कंपनी में “एक हजार अरब डॉलर की कंपनी” बनने की संभावना है।

जेंसन हुआंग ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ अगली हजार अरब-डॉलर कंपनी।’’ इस पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।

मीडिया की खबरों के अनुसार, इस घोषणा के बाद मार्वेल के शेयर में 30 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई।

इस वर्ष की शुरुआत में एनवीडिया ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए मार्वेल टेक्नोलॉजी में दो अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की थी।

हुआंग ने मंगलवार को एआई अवसंरचना को सक्षम बनाने में संपर्क के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मार्वेल की प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर को व्यापक बनाने और आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ उपयोगी एआई आ चुका है। यही कारण है कि आपकी मांग तेजी से बढ़ रही है और मेरी मांग भी बढ़ रही है।’’

यह वैश्विक प्रौद्योगिकी कार्यक्रम ताइवान एक्सटर्नल ट्रेड डेवलपमेंट काउंसिल द्वारा आयोजित किया गया था।

वहीं मैट मर्फी ने कहा कि डेटा सेंटर के भीतर पारंपरिक तांबा-आधारित प्रौद्योगिकी से संपर्क को व्यापक करना उद्योग के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

उन्होंने बताया कि टेराबिट डेटा स्पीड पर सिग्नल में गंभीर गिरावट, बिजली की बढ़ती आवश्यकता और अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होने के कारण तांबे के तार कठिन समस्या का सामना कर रहे हैं।

मर्फी की कंपनी ने कैलिफोर्निया मुख्यालय के बाहर भारत में अपना सबसे बड़ा वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित किया है।

उन्होंने कहा कि सर्वर रैक के भीतर पारंपरिक तांबा केबल अब अपनी भौतिक सीमाओं पर पहुंच रही है।

मर्फी ने कहा, “भविष्य में रैक के भीतर के संपर्क भी ऑप्टिकल हो जाएंगे और पूरा उद्योग इसे जानता है। हम इस क्षण की तैयारी कर रहे हैं। एआई डेटा सेंटर का भविष्य पूरी तरह ऑप्टिकल से जुड़ी अवसंरचना होगा।’’

भाषा निहारिका अजय

अजय

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