(8th Pay Commission Delay/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission Delay: करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए बढ़ी खबर है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने एक बार फिर अपनी डेडलाइन को आगे बढ़ा दी है। आयोग ने कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स समूहों को अपने सुझाव और मांगे भेजने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। इस बदलाव से अंतिम रिपोर्ट तैयार होने की प्रक्रिया और लंबी हो सकती है। जिससे वेतन संशोधन का इंतजार और बढ़ गया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब सभी सुझाव और ज्ञापन 15 जून 2026 तक ही स्वीकार किए जाएंगे। इससे पहले यह समयसीमा 31 मई थी जिसे बढ़ाकर पहले 30 अप्रैल से आगे किया गया था। प्रक्रिया की शुरुआत 5 मार्च 2026 को हुई थी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अंतिम डेडलाइन होगी और इसके बाद कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा।
नए नियम के अनुसार, सभी कर्मचारी और संगठन केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही अपने सुझाव भेज सकेंगे। किसी भी तरह की हार्ड कॉपी, ईमेल या पीडीएफ स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसका मकसद पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है ताकि सभी सुझाव एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्र हो सकें और उनका सही तरीके से विश्लेषण किया जा सके।
सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन अक्टूबर 2025 में किया था और नवंबर 2025 में इसकी अधिसूचना जारी हुई थी। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। इसी आधार पर उम्मीद की जा रही है कि नई वेतन संरचना अप्रैल या मई 2027 तक लागू हो सकती है। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।
नई वेतन व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी इसलिए कर्मचारियों को एरियर का लाभ मिलेगा। इसका मतलब है कि जब भी नया वेतन लागू होगा कर्मचारियों को पिछली अवधि का भुगतान एक साथ मिलेगा। जिससे बड़ी रकम एरियर के रूप में मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि देरी की वजह से हाउस रेंट अलाउंस (HRA) जैसे भत्तों में कुछ नुकसान हो सकता है क्योंकि ये अक्सर पिछली तारीख से लागू नहीं होते। आयोग का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। जबकि अन्य सदस्य भी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।