नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के कारण इस क्षेत्र को होने वाले उसके निर्यात में देरी का जोखिम बना हुआ है।
कंपनी ने यह भी कहा कि कुछ घरेलू ग्राहकों को आपूर्ति भी निकट-अवधि में प्रभावित रहेगी। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि इन अनुबंधों के रद्द होने की कोई संभावना नहीं है, और वह अपने दायित्वों को पूरा करने के प्रति आश्वस्त है।
कंपनी ने बीएसई को एक नियामकीय सूचना में कहा, ‘‘डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स के लिए, इसका तत्काल परिणाम पश्चिम एशिया क्षेत्र में ग्राहकों को दिए जाने वाले हमारे निर्यात ऑर्डर पर पड़ा है। कुछ खेप, जिनका निष्पादन निकट-अवधि में निर्धारित था, अब देरी के जोखिम में हैं; यह स्थिति हमारे निर्यात अनुबंधों की शर्तों के तहत ‘फोर्स मेज्योर’ (अपरिहार्य स्थिति) के दायरे में पूरी तरह से आती है।’’
चूंकि केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 लागू कर दिया है और प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 अधिसूचित किया है, इसलिए औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को विनियमित किया गया है।
कंपनी ने कहा, ‘‘हम इसे एक असाधारण स्थिति के प्रति एक आवश्यक और सुविचारित प्रतिक्रिया के रूप में स्वीकार करते हैं। हालांकि, हमारे लिए इसका व्यावहारिक परिणाम यह है कि डीईई के कुछ घरेलू ग्राहकों को होने वाली आपूर्ति पर भी निकट-अवधि में असर पड़ेगा।’’
इन घटनाक्रमों का डीईई के मौजूदा अवधि के समग्र प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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