(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय ध्वज वाले 22 जहाजों पर 16.7 लाख टन कच्चा तेल, 3.2 लाख टन एलपीजी और लगभग दो लाख टन एलएनजी लदा हुआ है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पोत परिवहन मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आगे जाने का इंतजार कर रहे हैं।
सिन्हा ने बताया कि शुरू में पश्चिम एशिया में युद्ध भड़कने के समय भारतीय जहाज वाले 28 जहाज इस जलडमरूमध्य में मौजूद थे। इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर जबकि चार जहाज पूर्वी किनारे पर थे। पिछले सप्ताह, दोनों किनारों से दो-दो जहाज सुरक्षित निकलने में सफल रहे।
उन्होंने कहा कि अब भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज पश्चिमी किनारे पर फंसे हैं और उन पर सवार सभी 611 नाविक सुरक्षित हैं।
फंसे जहाजों में छह एलपीजी वाहक, एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर, चार कच्चा तेल टैंकर, एक रासायनिक उत्पाद वाहक, तीन कंटेनर जहाज और दो थोक मालवाहक शामिल हैं।
इसके अलावा एक ड्रेजर, एक खाली जहाज और तीन जहाज सूखी गोदी में रखरखाव के लिए मौजूद हैं।
सिन्हा ने कहा कि युद्ध-प्रभावित जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है लेकिन अमेरिका एवं इजराइल के हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह प्रभावी रूप से बंद हो गया है।
पिछले कुछ दिन में चार जहाजों ने इस क्षेत्र को पार किया है, जिनमें तीन थोक मालवाहक और एक अफ्रामैक्स टैंकर शामिल हैं।
भारत अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी का आयात करता है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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