पश्चिम एशिया संकट से व्यापार, एलएनजी पर निर्भर क्षेत्र हो सकते हैं प्रभावित: क्रिसिल

पश्चिम एशिया संकट से व्यापार, एलएनजी पर निर्भर क्षेत्र हो सकते हैं प्रभावित: क्रिसिल

पश्चिम एशिया संकट से व्यापार, एलएनजी पर निर्भर क्षेत्र हो सकते हैं प्रभावित: क्रिसिल
Modified Date: March 5, 2026 / 01:36 pm IST
Published Date: March 5, 2026 1:36 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चलने वाला युद्ध बासमती चावल, उर्वरक, हीरा पॉलिश, एयरलाइंस और यात्रा परिचालकों सहित उन कई भारतीय क्षेत्रों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है, जिनका इस क्षेत्र के साथ सीधा व्यापारिक संबंध है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सिरेमिक और उर्वरक जैसे आयातित तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) पर निर्भर क्षेत्र निकट अवधि में उत्पादन व्यवधान का सामना कर सकते हैं। वहीं कच्चे तेल से जुड़े उद्योग – जिनमें तेल रिफाइनी, टायर, पेंट, विशेष रसायन, पैकेजिंग और सिंथेटिक कपड़े शामिल हैं – लागत के दबाव का सामना कर सकते हैं।

पश्चिम एशिया के देश वैश्विक कच्चे तेल के लगभग 30 प्रतिशत और वैश्विक एलएनजी उत्पादन के 20 प्रतिशत हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं, जिसका अधिकांश हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से ले जाया जाता है।

भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 85 प्रतिशत और अपनी एलएनजी जरूरत का लगभग आधा हिस्सा आयात करता है। भारत के कच्चे तेल का 40-50 प्रतिशत और एलएनजी आयात का 50-60 प्रतिशत इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।

क्रिसिल के अनुसार, बढ़ते जोखिमों के कारण एक मार्च 2026 से अधिकांश जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना बंद कर दिया है। एजेंसी ने कहा, ”इस व्यापार मार्ग में किसी भी लंबे समय तक रहने वाले व्यवधान का वैश्विक कच्चे तेल और एलएनजी की उपलब्धता तथा उनकी कीमतों पर असर पड़ेगा।”

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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