नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय एयर सेवा पोर्टल को उन्नयन करने और यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (पीएसीआर) के कामकाज में कृत्रिम मेधा (एआई) को शामिल करने पर काम कर रहा है, ताकि हवाई यात्रियों की शिकायतों का सही और जल्द से जल्द समाधान किया जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
पीएसीआर, जिसे पिछले साल दिसंबर में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में उड़ानों में भारी रुकावट के बाद बनाया गया था, एयरलाइंस, हवाई अड्डों, एएआई और नियामक डीजीसीए और बीसीएएस के प्रतिनिधियों को एक साथ लाता है।
मंत्रालय द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पीएसीआर ने 10 दिसंबर, 2025 से अब तक 98 प्रतिशत सफलता दर के साथ 73,000 से ज्यादा यात्रियों की शिकायतों का समाधान किया है।
डीजीसीए और बीसीएएस का मतलब क्रमशः नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) है।
नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने बुधवार को कहा कि अगले 90-100 दिन में हवाई यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए एक ज्यादा मजबूत और सुगम मंच बनाने की कोशिशें चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि एयर सेवा पोर्टल का एक नया संस्करण आएगा।
एयर सेवा पोर्टल और ऐप यात्रियों की शिकायतों के समाधान में मदद करने के लिए मंत्रालय की एक पहल है।
राजधानी में एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस बात पर काम कर रहा है कि प्रणाली को और बेहतर कैसे बनाया जाए और यात्रियों की शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान कैसे किया जाए।
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू नागर विमानन बाजारों में से एक है। जनवरी-अप्रैल की अवधि के दौरान, घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 5.75 करोड़ से ज्यादा रही।
भाषा राजेश राजेश अजय
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