इलेक्ट्रॉनिक्स को देश का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बनाने का लक्ष्य: वैष्णव

Ads

इलेक्ट्रॉनिक्स को देश का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बनाने का लक्ष्य: वैष्णव

  •  
  • Publish Date - June 17, 2026 / 08:32 PM IST,
    Updated On - June 17, 2026 / 08:32 PM IST

पुणे, 17 जून (भाषा) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का आकार लगभग 13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और अब इसे देश का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बनाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवा (ईएमएस) कंपनी जेबिल के नए संयंत्र के उद्घाटन समारोह में वैष्णव ने यह भी घोषणा की कि देश में दो और सेमीकंडक्टर संयंत्र इस वर्ष वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर देंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारे देश में 13 लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग है। कुछ वर्ष पहले तक भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात की कल्पना भी नहीं की जाती थी।’’

मार्च, 2026 तक देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 12 लाख करोड़ रुपये और इस क्षेत्र का निर्यात 3.3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।

वैष्णव ने कहा कि पहले इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को असंभव माना जाता था।

उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में शीर्ष 10 निर्यात श्रेणियों में शामिल होना लक्ष्य था। पिछले वर्ष 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स देश की तीसरी सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बन गया। लेकिन अब हमें अगला लक्ष्य तय करना होगा। हमें इसे दूसरी सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बनाना है।’’

वैष्णव ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग जगत तथा युवा प्रतिभाओं को मिलकर काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि देश में दो सेमीकंडक्टर संयंत्र पूरी तरह वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर चुके हैं और दो अन्य संयंत्र भी इस वर्ष उत्पादन शुरू कर देंगे।

मंत्री ने कहा, ‘‘दो संयंत्रों में उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है और वे पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। तीसरे संयंत्र का उद्घाटन जुलाई में होगा और दिसंबर तक चौथा सेमीकंडक्टर संयंत्र भी पूरी तरह वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर देगा।’’

भाषा योगेश अजय

अजय