Jabalpur Garment Cluster Power Outage / Image Source : SCREENGRAB
जबलपुर : Jabalpur Garment Cluster Power Outage : रेडीमेड गार्मेंट इंडस्ट्री को जबलपुर शहर की शान माना जाता है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इसी शान को पहचान देने के लिए बनाया गया रेडीमेड गार्मेंट एंड फैशन डिज़ाइनिंग क्लस्टर बीते 8 दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है। वजह है बारिश के दौरान आया एक फॉल्ट, जिसे बिजली विभाग अभी तक सुधार नहीं पाया। ऐसे में क्लस्टर की 200 यूनिट्स में प्रोडक्शन ठप्प पड़ा है और कारीगर मेहनताने के संकट से जूझ रहे हैं, तो व्यापारी लाखों का घाटा झेल रहे हैं।
कहते हैं हर शहर की एक ख़ासियत होती है। सरकारें ऐसी ख़ासियत पर ध्यान दें तो वह उन शहरों की पहचान बन जाती है, वरना हुनर को इतिहास बनते वक्त नहीं लगता। संस्कारधानी जबलपुर की भी ख़ासियत यहां घर-घर में रेडीमेड गार्मेंट बनाने से जुड़ा उद्योग है, जो लाखों लोगों को अपना पेट पालने का ज़रिया देता आया है। इसी ख़ासियत को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने जबलपुर के गोहलपुर इलाके में यह रेडीमेड गार्मेंट एंड फैशन डिज़ाइनिंग क्लस्टर बनाया था।
आज यहां 200 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स काम कर रही हैं, जिनसे हज़ारों कारीगरों को रोज़गार मिलता है। हालांकि बीते 8 दिनों से इस क्लस्टर में सन्नाटा पसरा हुआ है। वजह है बिजली का गुल होना। जी हां, रेडीमेड गार्मेंट क्लस्टर में बीती 9 जून से बिजली गुल है। बारिश के दौरान यहां ऐसा फॉल्ट आया, जिसे बिजली विभाग 8 दिनों के बाद भी सुधार नहीं पाया। नतीजा यह है कि मशीनें बंद पड़ी हैं, कारीगर काम और मेहनताने के लिए बिजली आने का इंतज़ार कर रहे हैं। व्यापारियों को रोज़ लाखों का घाटा हो रहा है।
इधर, जबलपुर रेडीमेड गार्मेंट एंड फैशन डिज़ाइनिंग क्लस्टर के एमडी दीपक जैन का कहना है कि बिजली के एक फॉल्ट का 8 दिनों तक न सुधर पाना कितना बड़ा घाटा दे सकता है, वह यहीं आकर समझा जा सकता है। क्लस्टर के एमडी ने बिजली विभाग को तकनीकी तौर पर भी अपग्रेड करने की ज़रूरत बताते हुए जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
दरअसल, इस रेडीमेड गार्मेंट क्लस्टर का इंफ्रास्ट्रक्चर 12 साल पहले बनाया गया था। इसके लिए बिजली की तारें अत्याधुनिक तकनीक का हवाला देकर अंडरग्राउंड की गई थीं, जिनमें आया फॉल्ट ही यहां बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी भारी पड़ गया। अधिकारियों के मुताबिक बारिश में नमी और पानी जाने से अंडरग्राउंड केबलों में आया फॉल्ट सुधारा जा रहा है और बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सकती है।
12 साल पहले जिस तकनीक को अत्याधुनिक बताया गया, अगर उसमें आया फॉल्ट आज के दौर में भी सुधारने में हफ्तों का वक्त ले रहा है, तो इससे बिजली विभाग की तकनीकी दक्षता को समझा जा सकता है। बहरहाल, इस क्लस्टर को बिजली की बहाली और आगे भी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का इंतज़ार है।
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