सड़क परिवहन मंत्रालय ने दोपहिया एम्बुलेंस के लिए नियामक ढांचे का प्रस्ताव रखा

सड़क परिवहन मंत्रालय ने दोपहिया एम्बुलेंस के लिए नियामक ढांचे का प्रस्ताव रखा

सड़क परिवहन मंत्रालय ने दोपहिया एम्बुलेंस के लिए नियामक ढांचे का प्रस्ताव रखा
Modified Date: August 3, 2026 / 04:58 pm IST
Published Date: August 3, 2026 4:58 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सड़क परिवहन मंत्रालय ने आपातकालीन स्थिति में तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए दोपहिया एम्बुलेंस के एक नियामकीय ढांचे का प्रस्ताव दिया है। यह सुविधा ऐसे स्थानों के लिए होगी, जहां पारंपरिक एम्बुलेंस को आवाजाही में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

इस समय केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत दोपहिया सड़क एम्बुलेंस को एक अलग वाहन श्रेणी के रूप में विनियमित नहीं किया गया है।

इसके चलते उनके निर्माण, कार्यात्मक सुरक्षा, रोगी-देखभाल प्रणालियों, पंजीकरण और फिटनेस निरीक्षण को नियंत्रित करने वाले कोई राष्ट्रीय दिशानिर्देश नहीं हैं।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों का मकसद दोपहिया एम्बुलेंस के लिए निर्माण और कार्यात्मक आवश्यकताओं को अपनाकर इन कमियों को दूर करना है।

सुरक्षा और कार्यात्मक ढांचा: एआईएस-209 (भाग 1) 2026 दोपहिया सड़क एम्बुलेंस को एल2-श्रेणी के वाहन के रूप में परिभाषित करता है जो एम्बुलेंस सहायक इकाई या रोगी-परिवहन प्रणाली से जुड़ा है।

अधिसूचना के प्रारूप में कहा गया कि प्रस्तावित ढांचे से दोपहिया सड़क एम्बुलेंस के डिजाइन और संचालन में अधिक सुरक्षा और जवाबदेही आने की उम्मीद है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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