आरबीआई ने पाटिल समेत आठ लोगों को लातूर डीसीसी बैंक के निदेशक के पद से हटाने का आदेश दिया

आरबीआई ने पाटिल समेत आठ लोगों को लातूर डीसीसी बैंक के निदेशक के पद से हटाने का आदेश दिया

आरबीआई ने पाटिल समेत आठ लोगों को लातूर डीसीसी बैंक के निदेशक के पद से हटाने का आदेश दिया
Modified Date: September 19, 2026 / 05:55 pm IST
Published Date: September 19, 2026 5:55 pm IST

लातूर, 19 सितंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 10 साल की अधिकतम कार्यकाल सीमा पूरी होने पर महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल समेत लातूर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (डीसीसी बैंक) के आठ निदेशकों को पद से हटाने का आदेश दिया है।

पाटिल उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से जुड़े हैं।

केंद्रीय बैंक ने यह आदेश बंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ के निर्देश के बाद जारी किया। अदालत ने बैंक के सदस्य सतीश शेषराव जाधव की याचिका पर सुनवाई की थी।

आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक कपिल गोस्वामी ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया।

बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 में बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 के जरिये किए गए संशोधन के तहत जिला डीसीसी बैंकों के निदेशकों के कार्यकाल की अधिकतम सीमा 10 साल निर्धारित की गई है।

इससे पहले सहकारिता विभाग के उप सचिव सुधीर अमृते ने सहकारिता आयुक्त, पुणे को पत्र लिखकर उन जिला डीसीसी बैंकों के निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था, जिन्होंने पद पर 10 साल से अधिक समय पूरा कर लिया है।

इसके बाद 25 मई, 2026 को सतीश जाधव ने आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक के पास शिकायत दर्ज कर लातूर डीसीसी बैंक के आठ निदेशकों को 10 साल की सीमा पार करने के आधार पर अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।

जाधव ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि शिकायत की प्रतियां लातूर संभाग के संभागीय संयुक्त निबंधक, सहकारी समितियां, सहकारिता आयुक्त और आरबीआई के नाबार्ड विभाग को भी भेजी गई थीं।

आरबीआई की ओर से शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर जाधव ने 21 जून, 2026 को बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया।

सात निदेशकों – अशोक शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर, श्रीपतराव निवृत्तिराव काकडे, स्वयंप्रभा धनंजय पाटिल, वी.डी. बिराजदार, पृथ्वीराज हरिश्चंद्र शिरसाट, प्रमोद जाधव और नागोराव पाटिल ने 10 सितंबर को बैंक के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हनुमंत जाधव को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

इसके बाद 18 सितंबर को आरबीआई ने लातूर डीसीसी बैंक को ऐसे निदेशक को पद से हटाने का निर्देश दिया, जो बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धाराओं के तहत पद पर बने रहने के लिए अयोग्य है।

भाषा यासिर योगेश

योगेश


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