मोदी ने 100वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाई, कहा- सरकार किसानों की मजबूती के लिए काम करती रहेगी

मोदी ने 100वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाई, कहा- सरकार किसानों की मजबूती के लिए काम करती रहेगी

मोदी ने 100वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाई, कहा- सरकार किसानों की मजबूती के लिए काम करती रहेगी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: December 28, 2020 1:08 pm IST

नयी दिल्ली, 28 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने कृषि को बढ़ावा देने और किसानों को मजबूत बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए हैं।

उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार तक चलने वाली 100वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के अवसर पर यह बात कही।

इस मौके पर मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए उनकी सरकार की नीतियां स्पष्ट हैं और इरादे पारदर्शी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी ताकत और समर्पण के साथ किसानों और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का काम जारी रखेगी।

केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के एक वर्ग द्वारा लगातार किये जा रहे प्रदर्शन के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है।

मोदी ने हालांकि, कृषि कानूनों का सीधे उल्लेख नहीं किया, लेकिन वह इस बात पर जोर देते रहे हैं कि ये कानून किसानों के हित में हैं और विपक्ष इनको लेकर किसानों को गुमराह कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई किसान रेल से छोटे और सीमांत किसान अपनी उपज को दूर दराज के बाजारों में भेज सकते हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इन सेवाओं की भारी मांग के चलते इनके फेरों को बढ़ाया गया है।

उन्होंने कहा कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि किसान नई संभावनाओं के लिए कितने उत्सुक हैं।

मोदी ने कहा कि सरकार आपूर्ति श्रृंखला, कोल्ड स्टोरेज और मूल्यवर्धन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए काम कर रही है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक इस रेल गाड़ी में कई तरह के फल एवं सब्जियों को लादकर भेजा जा रहा है। इसमें फूलगोभी, बंद गोभी, शिमला मिर्च, मिर्च और प्याज के अलावा अंगूर, संतरा, केला, अनार और अन्य फल लादे गये हैं।

बयान के मुताबिक रेलगाड़ी जिन स्टेशनों पर रुकेगी, वहां सभी तरह की कृषि उपज को चढ़ाने-उतारने की सुविधा होगी और इसके जरिए सामान भेजने के लिए मात्रा की कोई शर्त नहीं है।

पहली किसान रेल की शुरुआत सात अगस्त को महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर तक की गई थी, जिसे बाद में मुजफ्फरपुर तक बढ़ाया गया।

किसानों की अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसके फेरों की संख्या सप्ताह में एक दिन से बढ़ाकर सप्ताह में तीन दिन कर दी गई।

बयान के मुताबिक, ‘‘किसान रेल ने देश भर में कृषि उपज का तेजी से परिवहन सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसने कृषि उपज के लिए निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला मुहैया कराई है।’’

भाषा

पाण्डेय महाबीर

महाबीर


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