ठंड, शादी-विवाह की मांग बढ़ने से बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
ठंड, शादी-विवाह की मांग बढ़ने से बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) ठंड के मौसम की मांग के अलावा शादी-विवाह के मौसम की मांग बढ़ने से बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजारों में अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम मजबूत बंद हुए। बीते सप्ताह सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम पूर्व सप्ताहांत के ही दाम पर स्थिर बने रहे।
इस साप्ताहिक दाम में मजबूती के बावजूद सूरजमुखी, सोयाबीन, कपास नरमा, मूंगफली जैसे तिलहन के दाम अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे ही बने हुए हैं। सोयाबीन और सरसों का जो अंतर दो-तीन माह पूर्व लगभग 40 रुपये किलो का था, वह अब घटकर 8-10 रुपये किलो रह गया है। उल्लेखनीय है कि अधिक दाम होने की वजह से सरसों तेल की खपत का स्तर कमजोर था। सस्ता होने और जाड़े में ठंड की मांग होने की वजह से सोयाबीन तेल की मांग बढ़ी है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में विशेष रूप से सूरजमुखी तेल, सोयाबीन डीगम तेल और पाम-पामोलीन का आयात होता है। अगर किसी एक तेल का आयात कम होता है तो इसका दवाब बाकी अन्य तेलों पर आता है। किसी खाद्यतेल के आयात की घट-बढ़ के हिसाब बाकी तेलों के दाम में भी तेजी या गिरावट आती है।
पिछले नवंबर-दिसंबर के महीने में देश के आयातक बैंकों में अपना ऋणसाख पत्र (एलसी) को चलन में बनाये रखने के लिए आयात की लागत से लगभग 3-7 प्रतिशत कम दाम पर आयात किया गया खाद्यतेल (सोयाबीन डीगम तेल) बेचते आ रहे थे। इस वजह से मौजूदा समय में आयात कम होने की स्थिति हो गयी है। अगर इसकी कमी को पूरा करने का प्रयास भी हो तो इसमें विदेशों के आयात करने में 45-50 दिन क समय लगता है। देश में सूरजमुखी तेल का आयात इसलिए कम हुआ कि विदेशों में इसके दाम ऊंचे थे जबकि सोयाबीन डीगम तेल का आयात इसलिए कम हुआ कि आयातक घाटे का सौदा करते हुए लगातार लागत से कम दाम पर डीगम तेल बेच रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन स्थितियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी किसी सरकारी प्रभाग या तेल संगठन का तय होना चाहिये ताकि समय रहते जरूरी इंतजाम किये जा सकें तथा बैंकों, किसानों, उपभोक्ताओं, आयातकों को नुकसान की स्थिति से बचाया जा सके।
सूत्रों ने कहा कि विदेशों में खाद्यतेलों के दाम का असर सरसों पर भी मामूली रूप से दिखाई दिया। हालांकि इसके दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक हैं फिर भी दाम ऊंचा करने के प्रयास के कारण सरसों तेल-तिलहन के दाम में बीते सप्ताह मामूली तेजी है लेकिन ऊंचे दाम होने के कारण इसकी मांग में यथोचित वृद्धि नहीं हो रही है। सरसों की अगली फसल भी लगभग तैयार है और ऐसे में मंडी वाले सरसों के दाम कमजोर बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
सूत्रों ने कहा कि जाड़े में हल्के तेलों की मांग अधिक रहती है और बाकी हल्के तेलों में सोयाबीन डीगम सबसे सस्ता बैठता है। सूरजमुखी रिफाइंड तेल से सोयाबीन रिफाडंड तेल का दाम बंदरगाहों पर 22-24 रुपये किलो कम है। शादी विवाह के मौसम की मांग भी बढ़ी है। सोयाबीन के हाजिर दाम एमएसपी (5,328 रुपये क्विंटल) से कमजोर हैं और किसान नीचे दाम पर बाजार में आवक कम ला रहे हैं। इन परिस्थितियों के बीच बीते सप्ताह सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया।
उन्होंने कहा कि मूंगफली का हाजिर दाम एमएसपी से नीचे है। कारोबार सुस्त रहने के बीच बीते सप्ताह केवल मूंगफली तेल-तिलहन के दाम पूर्व सप्ताहांत के स्तर पर ही बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि जाड़े में गुजरात में खाने वालों की तथा उत्तर भारत में नमकीन बनाने वाली कंपनियों की ओर से बिनौला तेल की अच्छी मांग है। इन परिस्थितियों के बीच बीते सप्ताह बिनौला तेल के दाम भी सुधार के साथ बंद हुए।
बीते सप्ताह सरसों दाना 15 रुपये के सुधार के साथ 6,940-6,990 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दादरी मंडी में बिकने वाला सरसों तेल 75 रुपये के सुधार के साथ 14,375 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 10-10 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,410-2,510 रुपये और 2,410-2,555 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज के थोक भाव क्रमश: 100-100 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 5,110-5,160 रुपये और 4,810-4,860 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।
इसी प्रकार, दिल्ली में सोयाबीन तेल 300 रुपये के सुधार के साथ 13,950 रुपये प्रति क्विंटल, इंदौर में सोयाबीन तेल 300 रुपये के सुधार के साथ 13,550 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल का दाम 350 रुपये के सुधार के साथ 10,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
बीते सप्ताह सुस्त कामकाज के बीच समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तेल-तिलहन की कीमतों में स्थिरता का रुख दिखा। मूंगफली तिलहन 6,575-6,950 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 15,800 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,530-2,830 रुपये प्रति टिन पर स्थिर रुख के साथ बंद हुए।
समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 125 रुपये के सुधार के साथ 11,550 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन दिल्ली का भाव 250 रुपये के सुधार के साथ 13,400 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 200 रुपये के सुधार के साथ 12,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
तेजी के आम रुख के बीच, समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल के दाम भी 175 रुपये सुधार के साथ 12,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बंद हुए।
भाषा राजेश पाण्डेय
पाण्डेय

Facebook


