विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच सरसों छोड़कर अधिकांश तेल-तिलहनों में सुधार

विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच सरसों छोड़कर अधिकांश तेल-तिलहनों में सुधार

विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच सरसों छोड़कर अधिकांश तेल-तिलहनों में सुधार
Modified Date: November 29, 2022 / 07:58 pm IST
Published Date: February 4, 2022 7:42 pm IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल सहित अधिकांश तेल-तिलहन के भाव लाभ में रहे। सरसों तेल तिलहनों के भाव गिरावट के साथ बंद हुए जबकि मूंगफली तेल तिलहन समेत बाकी तेल तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि आयात करने पर सोयाबीन, सूरजमुखी तेल तथा घरेलू स्तर पर तैयार किया जाने वाले मूंगफली रिफाइंड का भाव पामोलीन के मुकाबले सस्ता बैठता है मगर बाजार में इन तेलों की बिक्री पामोलीन के दाम से 30-70 रुपये लीटर अधिक दाम पर कैसे हो रही है। सरकार को इस बात की कड़ाई से जांच कर सख्त कदम उठाने चाहिए।

उसने कहा कि देश में आयातकों की स्थिति खराब है, तेल तिलहन उद्योग बंद होने की ओर अग्रसर हैं। जब बड़ी कंपनियां बाजार में खाद्यतेल महंगे दामों पर बेच रही हैं तो फिर आयात शुल्क कम करने का क्या फायदा हुआ। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज 1.9 प्रतिशत मजबूत है जबकि कल रात की तेजी के बाद शिकागो एक्सचेंज में फिलहाल लगभग एक प्रतिशत की तेजी है। विदेशी बाजारों में तेजी के बीच सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला। जबकि सरसों में जारी घट बढ़ के दौर में इसके तेल तिलहनों के भाव में गिरावट आई। मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्ववत बंद हुए।

उसने कहा कि खाद्य तेलों के स्टॉक रखने की सीमा 31 मार्च तक के लिए लगाई गई थी, उसे बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया। सूत्रों ने कहा कि इस कदम का कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि सरसों की पैदावार इस बार अच्छी है और ऊंचे भाव पर कोई तिलहनों का भंडारण भी नहीं करेगा। अगर कार्रवाई करनी है तो समस्या की नब्ज को पकड़ना होगा और इसके लिए उन बड़े व्यापारियों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर नजर रखनी चाहिये कि वे किस दाम पर अपने माल बेच रहे हैं।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन – 8,400 – 8,430 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली – 5,840 – 5,930 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 13,020 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,000 – 2,125 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 16,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,475 -2,600 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,655 – 2,770 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 16,700 – 18,200 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,850 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,450 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,350

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,000 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,650 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,550 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,450 (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन दाना 6,475 – 6,525, सोयाबीन लूज 6,285 – 6,340 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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