‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’ संपन्न : यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन

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‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’ संपन्न : यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 01:39 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 01:39 PM IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोप के बीच ‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’ माना जाने वाला समझौता हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व ने भू-राजनीतिक उथल-पुथल एवं व्यापार संबंधी बाधाओं से संयुक्त रूप से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने हेतु वार्ता की।

प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन में वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी की।

वॉन डेर लेयेन ने कहा, ‘‘ आज यूरोप और भारत इतिहास रच रहे हैं। हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता कर लिया है। हमने दो अरब लोगों का एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया है जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह महज शुरुआत है। हम अपने रणनीतिक संबंधों को और भी मजबूत बनाएंगे।’’

कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी।

बहुप्रतीक्षित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता एक अत्यधिक महत्वपूर्ण समझौता है जिसे ‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’ कहा जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच संबंधों की समग्र दिशा में महत्वपूर्ण विस्तार होने की उम्मीद है क्योंकि यह विविध क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोलेगा।

शिखर सम्मेलन के बाद, दोनों पक्ष मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता के समापन की औपचारिक घोषणा करने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे। समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करने में कम से कम छह महीने लग सकते हैं क्योंकि दोनों पक्षों द्वारा इसकी कानूनी जांच आवश्यक होगी।

यूरोपीय संघ और भारत ने मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत पहली बार 2007 में शुरू की थी, लेकिन महत्वाकांक्षाओं में अंतर के कारण 2013 में बातचीत स्थगित कर दी गई थी। जून 2022 में फिर से बातचीत शुरू की गई।

यूरोपीय संघ एक समूह के रूप में, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूरोपीय संघ के साथ भारत का कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर का था। इसमें निर्यात करीब 76 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60 अरब अमेरिकी डॉलर का था।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा