मप्र बजट: 4.38 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय, महिलाओं की योजनाओं के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये

मप्र बजट: 4.38 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय, महिलाओं की योजनाओं के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये

मप्र बजट: 4.38 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय, महिलाओं की योजनाओं के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये
Modified Date: February 18, 2026 / 03:55 pm IST
Published Date: February 18, 2026 3:55 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

भोपाल, 18 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 4,38,317 करोड़ रुपये के परिव्यय का महिला केंद्रित बजट बुधवार को पेश किया। साथ ही कोई नया कर नहीं लगाए जाने की घोषणा की।

देवड़ा ने राज्य विधानसभा में विपक्ष की टोका-टोकी और व्यवधानों के बीच यह बजट पेश किया। इस दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के लोगों पर बढ़ते कर्ज के बोझ पर चिंता जताई और नारेबाजी की।

अपने करीब 90 मिनट के भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि बजट गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता किसान, नारी शक्ति (महिला सशक्तिकरण), बुनियादी ढांचा और उद्योग मॉडल पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के लिए लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

देवड़ा ने स्वयं सहायता समूहों एवं उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए 5,700 छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा।

बजट में लाडली बहना योजना के लिए 23,883 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता मिलती है। सरकार ने 2023 में शुरू किए गए कार्यक्रम के तहत अब तक 52,304 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।

वित्त मंत्री ने 2028 में उज्जैन में होने वाले धार्मिक आयोजन ‘सिंहस्थ कुंभ’ के लिए 3,600 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की घोषणा की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।

देवड़ा ने घोषणा की कि 15,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी जबकि सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के बच्चों को ‘टेट्रा पैक’ दूध मुफ्त में उपलब्ध दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य में कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), (वीबी-जी राम जी) के लिए 10,428 करोड़ रुपये और पीएम जनमन योजना के लिए 900 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की जो विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को समर्पित है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि एक लाख किसानों को सौर पंप प्रदान किए जाएंगे।

इसके अलावा श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये, सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

देवड़ा ने कहा कि बजट का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करना है। हर महिला के लिए न्याय सुनिश्चित करना सरकार का उद्देश्य है और युवाओं को रोजगार प्रदान करना इसका संकल्प है।

बजट भाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विधायक निधि में वृद्धि नहीं होने पर हंगामा किया और आसंदी के निकट आकर नारेबाजी की।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उनसे व्यवस्था बनाए रखने और अपनी सीट पर लौटने का आग्रह किया लेकिन उनका हंगामा जारी रहा।

कांग्रेस विधायकों ने यह भी कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है और सरकार का कहना है कि सब कुछ ठीक है।

विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने दावा किया कि बजट सत्र से पहले ही सरकार द्वारा 5,600 करोड़ रुपये का उधार लिया जाना इस बात का संकेत है कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ सरकार जनता के कर के पैसे से कर्ज लेकर घी पी रही है और विकास के नाम पर केवल भ्रम फैला रही है।’’

भाषा दिमो ब्रजेन्द्र शफीक निहारिका

निहारिका


लेखक के बारे में