Bhilai Muslim Community Protest : “गाड़ी हटाने को कहा तो धर्म से जोड़ा मामला!” मेले में व्यापारी से बदसलूकी पर भड़का मुस्लिम समुदाय, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

भिलाई के पास स्थित देव बलौदा शिव मंदिर में महाशिवरात्रि मेले के दौरान एक चाट ठेले को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ऑनलाइन पेमेंट पर नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद कथित रूप से मारपीट तक पहुंच गया, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय ने विरोध दर्ज कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

Bhilai Muslim Community Protest : “गाड़ी हटाने को कहा तो धर्म से जोड़ा मामला!” मेले में व्यापारी से बदसलूकी पर भड़का मुस्लिम समुदाय, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Bhilai Muslim Community Protest / Image Source : IBC24

Modified Date: February 18, 2026 / 04:44 pm IST
Published Date: February 18, 2026 4:42 pm IST
HIGHLIGHTS
  • महाशिवरात्रि मेले में ऑनलाइन पेमेंट पर नाम दिखने से विवाद।
  • मुस्लिम व्यापारियों के साथ कथित मारपीट, कार्रवाई की मांग।
  • प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

भिलाई: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्राचीन शिव मंदिर देव बलौदा के मेले में मुस्लिम व्यापारियों के साथ हुई मारपीट और अभद्रता के विरोध में मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश है। Mela Dispute News आज बड़ी संख्या में पीड़ित व्यापारियों और समाज के लोगों ने दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुँचकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत महाशिवरात्रि के दिन मेले में लगे एक चाट के ठेले से हुई। ठेले पर ‘अजीत चाट’ लिखा था और ‘जय माता दी’ के स्टीकर लगे थे।Bhilai Muslim Community Protest  विवाद तब भड़का जब एक ग्राहक ने ऑनलाइन पेमेंट किया और मोबाइल स्क्रीन पर दुकानदार का नाम ‘अजीत’ के बजाय एक मुस्लिम नाम दिखाई दिया। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों और हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने नाम छिपाकर व्यापार करने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।

गाड़ी रखने से मना करने पर शुरू हुआ विवाद

पीड़ित महिला और पुरुष व्यापारियों ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विवाद की असली वजह कुछ और थी। Devbaloda mela controversy  उन्होंने बताया मेले वाले दिन उन्होंने हिंदूवादी संगठन के लोगों को अपनी दुकान के सामने गाड़ी रखने से मना किया था, जिसके बाद इस मामले को जानबूझकर धर्म से जोड़ दिया गया।व्यापारियों का कहना है कि वे वर्षों से बाजारों में दुकानें लगाकर अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं और यही उनकी आय का एकमात्र साधन है।

पूर्वजों की तालीम है सभी धर्मों का सम्मान

पीड़ितों ने भावुक होते हुए कहा कि वे सभी धर्मों और देवी-देवताओं का आदर करते हैं। उन्होंने बतायावे भगवान की तस्वीरों को छूने से पहले भी हाथ धोते हैं। चूँकि यह उनकी रोजी-रोटी है, वे इसका अनादर कभी नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ वे सम्मान कर रहे थे, वहीं हिंदूवादी संगठन की ज्योति शर्मा खुद देवी-देवताओं की तस्वीरों का अनादर करते हुए उन्हें फेंक रही थीं।

मुस्लिम समाज की चेतावनी

भिलाई मुस्लिम समाज के अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदू-मुस्लिम हमेशा भाईचारे के साथ रहते आए हैं, लेकिन कुछ लोग प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।समाज ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्यवाही नहीं की गई और उन्हें संरक्षण दिया गया, तो वर्तमान में चल रहा शांतिपूर्ण विरोध उग्र रूप ले लेगा।पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

इन्हें भी पढ़ें:-

 


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..