मुंबई, 20 जुलाई (भाषा) मुंबई पत्तन प्राधिकरण (एमबीपीए) ने सोमवार को कहा कि करीब 3,500 करोड़ रुपये के पट्टा किराये का भुगतान नहीं करने वाली आठ बड़ी कंपनियों से बकाया राशि की वसूली के लिए कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।
एमबीपीए ने बयान में कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए शीर्ष आठ चूककर्ताओं की कुल देनदारी का आकलन किया गया है, ताकि व्यावसायिक किरायेदारों पर जल्द भुगतान का दबाव बनाया जा सके।
प्राधिकरण ने बताया कि उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले पूर्वी वॉटरफ्रंट इलाके की जमीन पर कुछ बड़े और प्रभावशाली पट्टाधारकों एवं किरायेदारों का भारी बकाया जमा है, लेकिन वे भुगतान नहीं कर रहे हैं। इनमें से कई संस्थाएं इन सरकारी जमीन से अच्छा-खासा मुनाफा कमा रही हैं, फिर भी बकाया चुकाने के बजाय मामलों को लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझा रही हैं।
एमबीपीए ने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं पर पड़ रहे असर को देखते हुए अब वह बकाया वसूली के लिए सख्त रुख अपना रहा है और अदालतों में चल रहे मामलों को लेकर अपनी कानूनी रणनीति की समीक्षा कर रहा है।
इसी कड़ी में प्राधिकरण ने देश के प्रमुख कानूनी विशेषज्ञों और विधि फर्मों को नियुक्त किया है। साथ ही अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का भी फैसला लिया गया है।
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