रांची, 20 जुलाई (भाषा) टाटा स्टील 2028 तक झारखंड में अपनी विभिन्न परियोजनाओं में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 2,000 नौकरियां सृजित होंगी।
कंपनी का लक्ष्य क्षमता विस्तार और कम कार्बन उत्सर्जन वाले इस्पात विनिर्माण के तरीकों को अपनाकर भारत में स्टील बनाने की क्षमता को मौजूदा के 2.73 करोड़ टन सालाना से बढ़ाकर चार करोड़ टन करना है।
कंपनी के एक अधिकारी ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘टाटा स्टील झारखंड में अपनी परियोजनाओं में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें हिसार्ना और सरल गलन प्रौद्योगिकी में 7,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। कुल मिलाकर, इस निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 2,000 नौकरियां सृजित होंगी।’’
हिसार्ना और सरल गलन प्रौद्योगिकी इस्पात उद्योग में उपयोग होने वाली आधुनिक प्रौद्योगिकी हैं, जिनका उद्देश्य उत्पादन को अधिक कुशल और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।
भाषा रमण अजय
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