एनबीसीसी डीडीए स्टाफ क्वार्टर का 775 करोड़ रुपये में करेगी पुनर्विकास

एनबीसीसी डीडीए स्टाफ क्वार्टर का 775 करोड़ रुपये में करेगी पुनर्विकास

एनबीसीसी डीडीए स्टाफ क्वार्टर का 775 करोड़ रुपये में करेगी पुनर्विकास
Modified Date: February 27, 2026 / 07:17 pm IST
Published Date: February 27, 2026 7:17 pm IST

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने दो कॉलोनी में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के स्टाफ क्वार्टर का करीब 775 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुनर्विकास करने की योजना बनाई है।

एनबीसीसी ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि उसने नयी दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर और सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया स्थित डीडीए स्टाफ क्वार्टर के व्यापक पुनर्विकास के लिए डीडीए के साथ दो अलग-अलग समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

एमओयू पर डीडीए के वाइस चेयरमैन एन. सरवण कुमार और एनबीसीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के. पी. महादेवस्वामी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

इन एमओयू के तहत दोनों परियोजनाओं में कुल 1.66 लाख वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र का विकास किया जाएगा जिसकी कुल परियोजना लागत लगभग 775 करोड़ रुपये है।

वर्तमान में ओल्ड राजिंदर नगर में 117 आवासीय इकाइयों और सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया में 152 आवासीय इकाइयों का उपयोग डीडीए द्वारा स्टाफ क्वार्टर के रूप में किया जा रहा है।

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड परियोजनाओं के अवधारणा से लेकर तैयार होने तक के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार और कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।

बयान में कहा गया, ‘‘ पुनर्विकास आत्मनिर्भर मॉडल के तहत होगा जिसके तहत विकसित निर्मित क्षेत्र के एक हिस्से को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से बेचा जाएगा। प्राप्त आय का उपयोग परियोजना के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा जबकि शेष निर्मित क्षेत्र ( जो डीडीए द्वारा तय किया जाएगा ) स्टाफ उपयोग के लिए सौंप दिया जाएगा। ’’

कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि एनबीसीसी दिल्ली में विश्वस्तरीय वास्तुकला और अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान कर एक नया मानदंड स्थापित करेगी।

एनबीसीसी के सीएमडी ने कहा कि एमओयू पर हस्ताक्षर राष्ट्रीय राजधानी में सतत शहरी पुनर्विकास एवं मूल्यवान भूमि परिसंपत्तियों के अनुकूलतम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भाषा निहारिका रमण

रमण


लेखक के बारे में