एनसीएलएटी ने महागुन के खिलाफ दिवाला कार्यवाही वापस लेने का निर्देश दिया, पक्षों के बीच समझौता

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एनसीएलएटी ने महागुन के खिलाफ दिवाला कार्यवाही वापस लेने का निर्देश दिया, पक्षों के बीच समझौता

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  • Publish Date - February 22, 2026 / 01:39 PM IST,
    Updated On - February 22, 2026 / 01:39 PM IST

नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी महागुन के खिलाफ दिवाला कार्यवाही को वापस लेने का निर्देश दिया है। यह निर्देश कंपनी और उसके वित्तीय ऋणदाता के बीच समझौता होने के बाद आया है।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) की दो सदस्यीय पीठ ने महागुन (इंडिया) और आईडीबीआई ट्रस्टीशिप के बीच 12 फरवरी, 2026 को हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लिया।

वित्तीय ऋणदाता आईडीबीआई ट्रस्टीशिप ने ही एनसीएलएटी के समक्ष रियल्टी फर्म के खिलाफ जारी दिवाला कार्यवाही को वापस लेने के लिए आवेदन दिया था।

एनसीएलएटी ने अपने आदेश में कहा, ‘‘यह सूचित किया गया है कि इस न्याय निर्णय प्राधिकरण के समक्ष मामला लंबित रहने के दौरान, दोनों पक्षों ने 12 फरवरी, 2026 को एक समझौता किया है। वित्तीय ऋणदाता ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी है।’’

इसे स्वीकार करते हुए, अपीलीय न्यायाधिकरण ने वित्तीय ऋणदाता द्वारा दायर दिवाला याचिका को वापस लिए जाने के कारण खारिज कर दिया। 17 फरवरी, 2026 को पारित दो पृष्ठ के आदेश में एनसीएलएटी ने कहा, ‘‘उपर्युक्त तथ्यों के मद्देनजर इस मामले से जुड़े सभी लंबित आवेदन भी निस्तारित माने जाते हैं।’’

आईडीबीआई ट्रस्टीशिप ने अपने आवेदन में यह छूट भी मांगी है कि यदि ‘कॉरपोरेट देनदार’ (महागुन) समझौते की शर्तों का पालन करने में विफल रहता है, तो वह अपनी दिवाला याचिका को फिर से बहाल कर सके।

नोएडा स्थित ‘महागुन मैनोरियल’ परियोजना के लिए जारी गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के भुगतान में 256.48 करोड़ रुपये की चूक के दावे पर एनसीएलटी ने महागुन के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। पिछले साल नवंबर में भी एनसीएलएटी ने महागुन के खिलाफ एक अन्य दिवाला कार्यवाही को रद्द कर दिया था।

भाषा सुमित अजय

अजय