Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज में मामला दर्ज, बच्चों के साथ यौन शोषण का आरोप

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Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज में मामला दर्ज, बच्चों के साथ यौन शोषण का आरोप

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  • Publish Date - February 22, 2026 / 12:48 PM IST,
    Updated On - February 22, 2026 / 02:19 PM IST

Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज में मामला दर्ज, बच्चों के साथ यौन शोषण का आरोप / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • शंकराचार्य पर यौन शोषण जैसे संगीन आरोप
  • प्रयागराज के झूंसी थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज
  • मुकदमे में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद का नाम भी शामिल

प्रयागराज:  Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के मामले में अदालत के आदेश पर प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार देर रात दर्ज किए गए मुकदमे में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मामला दर्ज

Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News प्रयागराज की बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने शनिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अदालत में दो बच्चों को पेश करके उनके यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कानून) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने प्रयागराज पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और उनके सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए थे।

पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत दाखिल आवेदन पर अदालत ने पिछले सप्ताह साक्ष्यों को देखने और पीड़ित ‘बटुकों’ का बयान दर्ज करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ता ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 74, 75, 76, 79 और 109 के साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/5/9 और 17 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह करते हुए यह आवेदन दाखिल किया था।

बच्चों के साथ दुष्कर्म का आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि न्यायपालिका ने बच्चों के साथ हुई अनुचित गतिविधि के मामले की सुनवाई करते हुए झूंसी थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘आज से हम यहां से विद्या मठ (वाराणसी) के लिए सनातन यात्रा निकाल कर रहे हैं। हम दिखाएंगे कि विद्या मठ के पंचम तल पर किस तरह से बच्चों का यौन शोषण किया जाता है। बच्चों के साथ दुष्कर्म के बहुत सारे साक्ष्य वहां मौजूद हैं।’’ उल्लेखनीय है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज के माघ मेला 2026 में मेला प्रशासन से टकराव को लेकर सुर्खियों में बने रहे। उन्होंने मेला प्रशासन पर मौनी अमावस्या का स्नान नहीं करने देने का आरोप लगाया था।

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पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज होने का क्या मतलब है?

यह कानून बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों के लिए बनाया गया है। इसमें आरोप सिद्ध होने पर उम्रकैद या मौत की सजा तक का प्रावधान है। ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत गिरफ्तारी और गहन जांच की शक्ति मिलती है।

इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

विवाद तब शुरू हुआ जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में दो बच्चों को पेश किया और दावा किया कि उनके साथ मठ परिसर में गलत व्यवहार हुआ है। अदालत ने पुलिस की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट देखने के बाद केस दर्ज करने को कहा।

क्या शंकराचार्य की गिरफ्तारी हो सकती है?

चूंकि मामला पॉक्सो एक्ट और यौन शोषण जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज है, इसलिए पुलिस साक्ष्यों के आधार पर किसी भी समय पूछताछ या गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, यह पूरी तरह पुलिस की जांच पर निर्भर करेगा।

क्या इस मामले का संबंध माघ मेला विवाद से है?

पीड़ित पक्ष का आरोप अलग है, लेकिन रिपोर्ट में उल्लेख है कि हाल ही में शंकराचार्य का माघ मेला प्रशासन के साथ स्नान को लेकर भी विवाद हुआ था। फिलहाल, दोनों घटनाएं कानूनी रूप से अलग हैं।

बीएनएसएस (BNSS) की धारा 173(4) क्या है?

यह नई कानून व्यवस्था के तहत वह प्रावधान है जिसके जरिए पीड़ित पक्ष सीधे अदालत से प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध कर सकता है यदि पुलिस उनकी शिकायत नहीं सुनती है।