नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने लॉग 9 मोबिलिटी के दो निलंबित निदेशकों की याचिका खारिज कर दी है। इन निदेशकों ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें कर्ज में डूबी कंपनी द्वारा जेनसोल ईवी लीज से पट्टे पर लिए गए 100 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की पहचान और बरामदगी में सहयोग करने का निर्देश दिया गया था।
अहमदाबाद स्थित एनसीएलटी की पीठ ने 21 जुलाई को लॉग 9 मोबिलिटी के दोनों निलंबित निदेशकों को जेनसोल ईवी लीज के कार्यालय में उपस्थित होकर फरीदाबाद स्थित लॉग 9 मोबिलिटी के परिसर से 100 इलेक्ट्रिक वाहन की पहचान और बरामदगी के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था।
इसके खिलाफ निदेशकों ने एनसीएलएटी का रुख किया था। उनका तर्क था कि जेनसोल और उनके बीच कोई प्रत्यक्ष अनुबंध नहीं है और एनसीएलटी को किसी अन्य कॉरपोरेट देनदार की निलंबित प्रबंधन टीम के अधिकारियों को इस तरह का निर्देश देने का अधिकार नहीं है।
हालांकि, एनसीएलएटी की तीन सदस्यीय पीठ ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा 60(5) के तहत एनसीएलटी के पास व्यापक अधिकार हैं और वह ऐसे मामलों में आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि लॉग 9 मोबिलिटी के निलंबित प्रबंधन का हिस्सा होने के कारण निदेशक केवल इस आधार पर वाहनों की पहचान और उन्हें सौंपने में सहयोग करने की जिम्मेदारी से खुद को अलग नहीं कर सकते कि कंपनी कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में है।
न्यायाधिकरण ने यह भी उल्लेख किया कि निदेशकों का मौजूदा रुख उनके ही पहले के बयान से मेल नहीं खाता। चार जुलाई, 2026 को एनसीएलटी के समक्ष उन्होंने स्वीकार किया था कि वाहनों के भंडारण, बरामदगी की स्थिति और उनके स्थान समेत विस्तृत जानकारी लॉग 9 के समाधान पेशेवर को उपलब्ध कराई गई थी।
लॉग 9 मोबिलिटी के प्रबंधन को 15 सितंबर, 2025 को कंपनी के सीआईआरपी में जाने के बाद निलंबित कर दिया गया था। वहीं, जेनसोल ईवी लीज भी दिवाला प्रक्रिया में है। उसके समाधान पेशेवर ने एनसीएलटी में आवेदन देकर पट्टे पर दिए गए वाहनों को वापस दिलाने की अपील की थी, क्योंकि लॉग 9 के समाधान पेशेवर से मिली जानकारी वाहनों की बरामदगी के लिए पर्याप्त नहीं थी।
भाषा अजय अजय
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