खनन क्षेत्र में तेज सुधारों की जरूरत: वेदांता चेयरमैन

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खनन क्षेत्र में तेज सुधारों की जरूरत: वेदांता चेयरमैन

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  • Publish Date - March 20, 2026 / 04:19 PM IST,
    Updated On - March 20, 2026 / 04:19 PM IST

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने देश की ऊर्जा और खनिज सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खनन क्षेत्र में तत्काल नीतिगत सुधारों और परियोजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन की जरूरत बतायी है।

अग्रवाल ने उन तीन मुख्य बाधाओं को जिक्र किया है जो खदानों के परिचालन में देरी का कारण बन रही हैं। इनमें भूमि अधिग्रहण की चुनौतियां, पर्यावरण एवं वन मंजूरी में देरी और अत्यधिक उच्च प्रीमियम शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि उच्च प्रीमियम के कारण कई खदानें व्यावसायिक रूप से अलाभकारी हो गई हैं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच जारी इस बयान में अग्रवाल ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और संसाधन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है।

क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में नीलाम किए गए 592 खनन ब्लॉक में से केवल 82 में ही वर्तमान में उत्पादन हो रहा है। इसका अर्थ है कि लगभग 85 प्रतिशत ब्लॉक अभी भी गैर-परिचालन स्थिति में हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के कुल 400 अरब डॉलर के आयात खर्च का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता के कारण है। इसके चलते देश के बाहर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

अग्रवाल ने सुधार के लिए कुछ प्रमुख सिफारिशें पेश की हैं, जिनमें भूमि अधिग्रहण के लिए प्रौद्योगिकी आधारित ‘सीधा भुगतान’ प्रणाली अपनाना और ‘स्व-प्रमाणन’ के माध्यम से मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है।

साथ ही, उन्होंने आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए खनन प्रीमियम को अधिकतम 60 प्रतिशत पर सीमित करने का सुझाव दिया।

भाषा सुमित रमण

रमण

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