चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में निर्यात आधारित उद्योग विकसित करने की जरूरत: औषधि विभाग सचिव

चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में निर्यात आधारित उद्योग विकसित करने की जरूरत: औषधि विभाग सचिव

चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में निर्यात आधारित उद्योग विकसित करने की जरूरत: औषधि विभाग सचिव
Modified Date: August 7, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: August 7, 2026 6:40 pm IST

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) भारत को चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में केवल आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति से आगे बढ़ते हुए वैश्विक बाजारों की जरूरतों को पूरा करने वाला निर्यात आधारित उद्योग विकसित करना चाहिए। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को यह बात कही।

औषधि विभाग के सचिव मनोज जोशी ने कहा कि इसके लिए देश को घरेलू स्तर पर उपकरण विनिर्माण को मजबूत करना होगा और उत्पादों में मूल्यवर्धन बढ़ाना होगा।

राष्ट्रीय राजधानी में उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित ‘इंडिया मेडिकल डिवाइस 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवा और उद्योग, दोनों नजरिये से देखना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को आयात प्रतिस्थापन की सोच से आगे बढ़कर ऐसा निर्यात आधारित उद्योग बनाना होगा, जो वैश्विक बाजारों की जरूरतों को पूरा कर सके। भारतीय चिकित्सा उपकरण बाजार का आकार करीब 16 अरब डॉलर है, जबकि वैश्विक बाजार 600 अरब डॉलर से अधिक का है। ऐसे में भारतीय विनिर्माताओं के लिए कई अवसर मौजूद हैं।’’

जोशी ने कहा कि इस क्षमता का लाभ उठाने के लिए घरेलू उपकरण विनिर्माण को मजबूत करना, उत्पादों में अधिक मूल्य जोड़ना, कलपुर्जों और तैयार उत्पादों की सीमा पार आवाजाही को आसान बनाना, भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ना और स्टार्टअप तथा बड़े उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि नवोन्मेष सफलतापूर्वक बाजार तक पहुंच सकें।

कार्यक्रम में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) राजीव सिंह रघुवंशी ने कहा कि भारत का चिकित्सा उपकरण क्षेत्र आयात आधारित बाजार से घरेलू विनिर्माण आधारित परिवेश की ओर बढ़ रहा है।

भाषा यासिर रमण

रमण


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