नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में पंजीकृत व्यवसाय अब ई-वे बिल वाली वस्तुओं की आपूर्ति को डिजिटल रूप से दर्ज कर सकते हैं।
जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने करदाताओं के लिए जारी परामर्श में कहा, ‘‘ ई-वे बिल प्रणाली में एक नई ई-वे बिल समापन सुविधा को स्वैच्छिक आधार पर शुरू किया गया है ताकि माल की आपूर्ति पूरी होने के बाद ई-वे बिल को बंद किया जा सके।’’
अब तक ई-वे बिल व्यवस्था केवल माल की आवाजाही की शुरुआत और परिवहन को ‘ट्रैक’ करती थी लेकिन आपूर्ति पूरी होने को दर्ज करने का औपचारिक डिजिटल तरीका नहीं था। यह नई सुविधा लेन-देन का स्पष्ट रिकॉर्ड बनाएगी और परिवहन से जुड़ी जवाबदेही को मजबूत करेगी।
जीएसटी के तहत 50,000 रुपये से अधिक मूल्य के माल ले जाने पर ई-वे बिल साथ रखना जरूरी होता है। यह दस्तावेज जीएसटी पंजीकृत व्यक्ति या ट्रांसपोर्टर द्वारा माल ढुलाई से पहले जीएसटी मंच पर तैयार किया जाता है।
जीएसटीएन ने कहा कि ई-वे बिल को अब आपूर्तिकर्ता, प्राप्तकर्ता, ट्रांसपोर्टर, चालक या किसी भी अधिकृत व्यक्ति द्वारा बंद किया जा सकता है जिसका मोबाइल नंबर इस प्रक्रिया के लिए दर्ज किया गया हो। ये बदलाव डेटा की शुद्धता, माल की आवाजाही की बेहतर निगरानी और प्रणाली आधारित लेन-देन समापन को मजबूत करने के लिए किए जा रहे हैं।
जीएसटी के एक जुलाई, 2017 से लागू होने के बाद से राज्यों के भौतिक ‘चेक पोस्ट’ हटा दिए गए थे, जिससे माल की आवाजाही आसान हुई और इसमें लगने वाला समय कम हुआ है।
भाषा निहारिका अजय
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