मीरवाइज फारूक ने नजरबंद किये जाने का आरोप लगाया, कहा: पिता को श्रद्धांजलि देने से रोका गया

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मीरवाइज फारूक ने नजरबंद किये जाने का आरोप लगाया, कहा: पिता को श्रद्धांजलि देने से रोका गया

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 04:59 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 04:59 PM IST

श्रीनगर, 21 मई (भाषा) कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उन्हें उनके पिता मोहम्मद फारूक शाह की पुण्यतिथि पर नजरबंद कर दिया गया था। दिवंगत मोहम्मद फारूक शाह एक प्रमुख धर्मोपदेशक थे जिनकी वर्ष 1990 में हत्या कर दी गई थी।

मीरवाइज को अपने पिता की 36वीं पुण्यतिथि और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के संस्थापक अब्दुल गनी लोन की 24वीं पुण्यतिथि पर ईदगाह स्थित कब्रिस्तान में फातिहा पढ़ने जाना था।

उन्होंने दावा किया कि ईदगाह के मजार-ए-शुहदा (शहीदों के कब्रिस्तान) में फातिहा (विशेष प्रार्थना) पढ़ने से भी लोगों को रोका दिया गया, जबकि स्वयं उन्हें 20 मई की शाम से नजरबंद कर दिया गया है।

लोन के बेटे हंदवारा सज्जाद लोन को भी नजरबंद कर दिया गया है।

मीरवाइज उमर ने कहा, ‘‘21 मई कश्मीर के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक की दर्दनाक याद दिलाता है, जब लोगों ने अपने प्रिय नेता मोहम्मद फारूक शाह को खो दिया।’’

असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने दावा किया कि लोगों को शाह और लोन तथा 1990 में हवाल क्षेत्र में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने से रोका गया।

अब्दुल गनी लोन की 21 मई, 2002 को आतंकवादियों ने गोली मारकर तब हत्या कर दी थी, जब वह मोहम्मद फारूक शाह को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित हुर्रियत सम्मेलन की रैली से लौट रहे थे।

भाषा संतोष मनीषा

मनीषा