नए श्रम कानूनों से इन्फोसिस पर दिसंबर तिमाही में 1,289 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ

नए श्रम कानूनों से इन्फोसिस पर दिसंबर तिमाही में 1,289 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ

नए श्रम कानूनों से इन्फोसिस पर दिसंबर तिमाही में 1,289 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ
Modified Date: January 14, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: January 14, 2026 7:51 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस ने बुधवार को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा करते हुए बताया कि नए श्रम कानूनों के लागू होने से उसे 1,289 करोड़ रुपये के एकमुश्त असाधारण वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ा।

इससे पहले इसी सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने कहा था कि दिसंबर तिमाही के दौरान नए श्रम कानूनों के लागू होने से उस पर 2,128 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ा है। नोएडा स्थित एचसीएल टेक ने नए श्रम कानूनों के लिए 719 करोड़ रुपये का एकमुश्त प्रावधान किया है।

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इन्फोसिस के तीसरी तिमाही के नतीजों पर नए श्रम कानूनों के संबंध में भारत सरकार की अधिसूचना का प्रभाव रहा। ये कानून मौजूदा 29 श्रम कानूनों को एक में समेटता है और इसके चलते कंपनी की कर्मचारियों से जुड़ी देनदारियों में वृद्धि हुई।

इन्फोसिस ने शेयर बाजार को बताया, ”ये श्रम संहिताएं मौजूदा 29 श्रम कानूनों को एक एकीकृत ढांचे में समेकित करती हैं, जो रोजगार के दौरान और रोजगार के बाद मिलने वाले कर्मचारी लाभों को नियंत्रित करती हैं। ये कानून वेतन की एक समान परिभाषा और अवकाश से संबंधित बढ़े हुए लाभों सहित कई बदलाव करते हैं।”

कंपनी ने आगे बताया कि श्रम संहिताओं के लिए किए गए समायोजन पिछली सेवा लागत से ग्रेच्युटी देनदारी में वृद्धि और अवकाश देनदारी में वृद्धि को दर्शाते हैं। ये दोनों मिलकर 1,289 करोड़ रुपये होते हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के मुकाबले तीसरी तिमाही में कंपनी के लाभ में 9.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि राजस्व 2.2 प्रतिशत बढ़ा।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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