दूरसंचार क्षेत्र में नई मंजूरी आधारित व्यवस्था लागू, सरकार ने जारी किए नियम

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दूरसंचार क्षेत्र में नई मंजूरी आधारित व्यवस्था लागू, सरकार ने जारी किए नियम

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 09:04 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 09:04 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र में पुरानी लाइसेंस व्यवस्था को समाप्त कर उसकी जगह एक नई ‘मंजूरी आधारित रूपरेखा’ को लागू करने वाले नियमों को अधिसूचित कर दिया है।

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ को भी अधिसूचित किया है, जो दूरसंचार अधिनियम के प्रावधानों को डिजिटल रूप से लागू करने में सक्षम बनाएगा।

दूरसंचार अधिनियम के तहत अधिसूचित नियमों में ‘दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए मंजूरी) नियम, 2025’ शामिल हैं। ये नियम दूरसंचार कंपनियों को पुरानी लाइसेंस व्यवस्था से नए मंजूरी आधारित ढांचे में स्थानांतरित करते हैं।

दूरसंचार विभाग की अधिसूचना के अनुसार, इस नए ढांचे से जुड़े नियमों का मसौदा पांच सितंबर, 2025 को प्रकाशित किया गया था और हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। इस अवधि में प्राप्त टिप्पणियों और सुझावों पर केंद्र सरकार ने विचार करने के बाद इन्हें अंतिम रूप दिया है।

नए नियमों के तहत कोई भी पात्र इकाई दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकार के पास आवेदन कर सकती है। वे नेटवर्क सेवा ऑपरेटर (एनएसओ), वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर (वीएनओ) या दोनों के रूप में मंजूरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके दायरे में राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र के लिए एकीकृत सेवा मंजूरी, एक या अधिक सेवा क्षेत्रों के लिए एक्सेस सेवा मंजूरी, वायरलाइन एक्सेस सेवा मंजूरी, राष्ट्रीय या क्षेत्रीय स्तर के लिए इंटरनेट सेवा और लंबी दूरी की सेवा (लॉन्ग डिस्टेंस सर्विस) की मंजूरी प्राधिकरण शामिल हैं।

नियमों के मुताबिक, सैटेलाइट (उपग्रह) नेटवर्क स्थापित करने, संचालित करने या उसका विस्तार करने की इच्छुक किसी भी कंपनी को सरकार से अलग से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए कंपनियों को उपग्रहों, अंतरिक्ष क्षमता और गेटवे बुनियादी ढांचे का पूरा विवरण देना होगा।

भाषा योगेश अजय

अजय