मुंबई, 24 जून (भाषा) सूचीबद्ध निजी गैर-वित्तीय कंपनियों की बिक्री वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 में फिर से दो अंको में पहुंच गई है। पिछले दो वर्षों से यह वृद्धि एकल अंक में बनी हुई थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आरबीआई ने बुधवार को जारी आंकड़ों में कहा कि 2025-26 के दौरान कुल मिलाकर इन कंपनियों की बिक्री में 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों की बिक्री वृद्धि इस दौरान 10.8 प्रतिशत रही, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 6.0 प्रतिशत थी। इस वृद्धि में वाहन, विद्युत मशीनरी, खाद्य एवं पेय पदार्थ तथा रसायन उद्योगों का प्रमुख योगदान रहा।
हालांकि, पेट्रोलियम उद्योग में बिक्री में गिरावट का सिलसिला 2025-26 में भी जारी रहा।
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों की बिक्री वृद्धि बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई, जो 2024-25 में 7.1 प्रतिशत थी। वहीं गैर-आईटी सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन के कारण दो अंक की बिक्री वृद्धि दर्ज की, जिसमें थोक और खुदरा कारोबार का प्रमुख योगदान रहा।
विनिर्माण कंपनियों की कच्चे माल पर होने वाली लागत 12 प्रतिशत बढ़ी, जिससे कच्चे माल का बिक्री के अनुपात में हिस्सा 55.7 प्रतिशत से बढ़कर 57.6 प्रतिशत हो गया, जो लागत दबाव को दर्शाता है।
कर्मचारियों पर होने वाला खर्च भी बढ़ा, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र में 10.7 प्रतिशत, आईटी क्षेत्र में 6.1 प्रतिशत और गैर-आईटी सेवा क्षेत्र में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, विनिर्माण क्षेत्र में कर्मचारी लागत का बिक्री अनुपात स्थिर रहा, जबकि सेवा क्षेत्र में इसमें गिरावट देखी गई।
भाषा योगेश अजय
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