नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) एक संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि वित्तीय सूचना नियामक एनएफआरए उद्योग-आधारित लेखांकन और लेखा-परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों की पहचान करने के लिए क्षेत्रवार अध्ययन कर सकता है।
समिति ने साथ ही निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद के लिए क्षेत्रवार लेखांकन मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को भी कहा।
सरकार ने 2018 में राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) को कंपनी कानून, 2013 के तहत बनाया था और यह लेखा परीक्षकों का नियमन करता है। साथ ही यह संस्था कंपनियों के स्तर लेखांकन और लेखा-परीक्षा मानकों के अनुपालन पर नजर रखती है।
लोकसभा में बृहस्पतिवार को पेश कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की एक रिपोर्ट में वित्त मामलों की स्थायी समिति ने एनएफआरए के संबंध में कुछ सिफारिशें की हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को एनएफआरए के भीतर लेखांकन गुणवत्ता समीक्षा और अनुशासनात्मक कार्यों के बीच अंतर करने के लिए तेजी से कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रक्रियात्मक स्पष्टता, संस्थागत स्वतंत्रता और ऑडिट निगरानी ढांचे की विश्वसनीयता को मजबूत किया जा सके।
समिति ने अनुशंसा की है कि यह निगरानी संस्था शिकायतों, अनुशासनात्मक कार्यवाही और आगे की कार्रवाई पर नजर रखने के लिए एक मजबूत डेटा प्रबंधन और निगरानी प्रणाली स्थापित करे।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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