शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 1,471 अंक लुढ़का

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शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 1,471 अंक लुढ़का

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 06:16 PM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 06:16 PM IST

मुंबई, 13 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 1,470 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी को 488 अंकों का नुकसान हुआ।

विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली, विदेशी कोषों की निरंतर निकासी और रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,470.50 अंक यानी 1.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,563.92 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,579.82 अंक यानी दो प्रतिशत गिरकर 74,454.60 अंक पर आ गया था।

इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 488.05 अंक यानी 2.06 प्रतिशत फिसलकर 23,151.10 अंक पर बंद हुआ।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 3,348 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 941 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और 132 अन्य शेयरों के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ।

लिवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के. ने कहा कि बाजार में आई यह तेज गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भारत जैसी ऊर्जा आयातक अर्थव्यवस्थाओं के लिए बढ़ती व्यापक आर्थिक चिंताओं के कारण है।

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को 10,24,181.74 करोड़ रुपये घटकर 4,29,82,252.27 करोड़ रुपये रह गया।

साप्ताहिक आधार पर देखें तो बीएसई सेंसेक्स में इस हफ्ते कुल 4,354.98 अंक यानी 5.51 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी 1,299.35 अंक यानी 5.31 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

सेंसेक्स 27 फरवरी से अब तक कुल 6,723.27 अंक यानी 8.27 प्रतिशत टूट चुका है। इस दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार मूल्यांकन 33,68,419 करोड़ रुपये घट गया है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ”पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई और वैश्विक आर्थिक स्थिरता को लेकर डर बढ़ गया है।”

उन्होंने कहा कि इस हालत में विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे हैं और रुपया गिरकर अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे बाजार की धारणा और बिगड़ गई है।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, एसबीआई, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मारुति और अल्ट्राटेक सीमेंट को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी तरफ, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारती एयरटेल के शेयरों में बढ़त का रुझान रहा।

व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों के बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 2.87 प्रतिशत और छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक में 2.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

क्षेत्रवार सूचकांकों में से धातु खंड में सबसे ज्यादा 4.83 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा औद्योगिक वस्तुओं में 4.15 प्रतिशत, जिंस में 4.01 प्रतिशत, पीएसयू बैंक में 3.73 प्रतिशत, वाहन में 3.27 प्रतिशत और पूंजीगत वस्तुओं में 2.99 प्रतिशत की गिरावट हुई।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.25 प्रतिशत बढ़कर 100.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में भी नकारात्मक रुख देखा गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,449.77 करोड़ रुपये की खरीदारी की।

इससे पहले बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 829.29 अंक गिरकर 76,034.42 अंक और निफ्टी 227.70 अंक टूटकर 23,639.15 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा पाण्डेय प्रेम

प्रेम