राष्ट्रीय राजमार्गों पर मोबाइल नेटवर्क में सुधार के लिए एनएचएआई ने दूरसंचार विभाग,ट्राई से किया संपर्क

राष्ट्रीय राजमार्गों पर मोबाइल नेटवर्क में सुधार के लिए एनएचएआई ने दूरसंचार विभाग,ट्राई से किया संपर्क

राष्ट्रीय राजमार्गों पर मोबाइल नेटवर्क में सुधार के लिए एनएचएआई ने दूरसंचार विभाग,ट्राई से किया संपर्क
Modified Date: January 6, 2026 / 01:13 pm IST
Published Date: January 6, 2026 1:13 pm IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर मोबाइल नेटवर्क संपर्क में सुधार के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) से तत्काल हस्तक्षेप का आह्वान किया है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसी द्वारा किए गए एक व्यापक मूल्यांकन के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर लगभग 1,750 किलोमीटर में फैले 424 स्थानों को मोबाइल नेटवर्क संपर्क की अनुपलब्धता के कारण गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों के तौर पर चिह्नित किया गया है।

इसमें कहा गया, ‘‘ राष्ट्रीय राजमार्गों के कई हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क संपर्क की गंभीर समस्याओं की पहचान करते हुए, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को राष्ट्रीय राजमार्गों के कई हिस्सों, खासकर नए एवं दूरस्थ खंडों पर मोबाइल नेटवर्क संपर्क की अनुपलब्धता को दूर करने के लिए उचित निर्देश जारी किए जा सकें।’’

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राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के सार्वजनिक सुरक्षा निहितार्थों एवं रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए एनएचएआई ने कहा कि उसने देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों पर मोबाइल नेटवर्क संपर्क में सुधार के लिए एक त्वरित एवं समन्वित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया है।

इसमें कहा गया, ‘‘ इन स्थानों के बारे में विस्तृत जानकारी संकलित कर ली गई है और आवश्यक कार्रवाई के लिए दूरसंचार विभाग और ट्राई के साथ औपचारिक रूप से साझा की गई है।’’

एनएचएआई ने कहा कि चूंकि राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं, इसलिए इन खंडों पर विश्वसनीय मोबाइल नेटवर्क संपर्क की कमी राष्ट्रीय राजमार्ग संचालन, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं के वितरण को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है।

इसके अलावा, एनएचएआई ने कहा कि उसने ट्राई से अनुरोध किया है कि वह दूरसंचार संचालकों को भौगोलिक रूप से चिह्नित दुर्घटना-संभावित स्थानों पर सक्रिय एसएमएस या ‘फ्लैश एसएमएस अलर्ट’ प्रसारित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करे, जिसमें आवारा पशुओं की आवाजाही और अन्य चिह्नित खतरों से प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं।

एनएचएआई ने कहा, ‘‘ इन चेतावनियों का उद्देश्य लोगों को ऐसे स्थानों पर पहुंचने से पहले सूचित करना है, जिससे समय रहते सावधानी बरती जा सके और वाहन सुरक्षित तरीके से चलाया जाए।’’

प्राधिकरण ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण अक्सर प्रभावित होने वाले दुर्घटना-संभावित मार्गों की एक सूची भी ट्राई के साथ साझा की गई है।

बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर मोबाइल नेटवर्क संपर्क की कमियों को दूर करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए हस्तक्षेप की मांग करते हुए एनएचएआई सभी संबंधित हितधारकों के साथ निकट समन्वय में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क न केवल भौतिक रूप से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हो बल्कि डिजिटल रूप से भी सक्षम हो।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा

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