राजमार्गों के टोल प्लाजा पर एक अप्रैल से नकद भुगतान बंद करने की तैयारी में एनएचएआई

राजमार्गों के टोल प्लाजा पर एक अप्रैल से नकद भुगतान बंद करने की तैयारी में एनएचएआई

राजमार्गों के टोल प्लाजा पर एक अप्रैल से नकद भुगतान बंद करने की तैयारी में एनएचएआई
Modified Date: February 20, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: February 20, 2026 10:16 pm IST

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक अप्रैल से राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद करने पर विचार कर रहा है।

ऐसा होने पर वाहन चालकों को टोल भुगतान के लिए केवल फास्टैग या यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करना होगा।

एनएचएआई ने कहा कि नकद भुगतान की व्यवस्था बंद होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों से ही स्वीकार किए जाएंगे। प्राधिकरण पूरे देश में टोल प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने के उद्देश्य से एक अप्रैल, 2026 से नकद लेनदेन को पूरी तरह खत्म करने की योजना बना रहा है।

संस्था ने कहा कि इस प्रस्तावित कदम का लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह में अब तक मिली सफलताओं को मजबूत करना और टोल प्लाजा के कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता लाना है।

प्राधिकरण ने कहा कि इस प्रस्तावित कदम से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा के कामकाज को अधिक कुशल और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।

पिछले कुछ वर्षों में फास्टैग की 98 प्रतिशत से अधिक पैठ ने देश में टोल संग्रहण की प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय बदलाव किया है। फिलहाल टोल लेनदेन का बड़ा हिस्सा वाहनों पर लगाए गए फास्टैग के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जा रहा है। इससे टोल प्लाजा पर निर्बाध और संपर्क-रहित आवागमन संभव हुआ है।

इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा पर यूपीआई भुगतान सुविधा भी संचालित की गई है, जिससे देशभर में राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए त्वरित और सुलभ डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध हो सके हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के मुताबिक, वैध एवं कार्यशील फास्टैग के बिना शुल्क प्लाजा में प्रवेश करने वाले वाहनों से नकद भुगतान की स्थिति में लागू उपयोगकर्ता शुल्क का दोगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं यूपीआई से भुगतान करने वाले उपयोगकर्ताओं से शुल्क का केवल 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है।

इन पहलों ने सामूहिक रूप से नकद लेनदेन पर निर्भरता कम करने और टोलिंग ढांचे के डिजिटलीकरण के उद्देश्य को आगे बढ़ाया है।

भाषा सुमित प्रेम

प्रेम


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