नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी 28 अगस्त को होने वाली अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में उधारी सीमा 60,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 70,000 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी।
कंपनी ने एजीएम संबंधी नोटिस में कहा कि उसकी मजबूत पूंजीगत व्यय योजना के लिए धन की जरूरत को देखते हुए मौजूदा 60,000 करोड़ रुपये की उधारी सीमा को बढ़ाना जरूरी हो गया है।
कंपनी के अनुसार, चालू और नई परियोजनाओं के लिए अगले लगभग पांच वर्षों में पूंजीगत व्यय की जरूरत के आधार पर अनुमानित ऋण आवश्यकता करीब 67,500 करोड़ रुपये होगी। ऐसे में अगले लगभग तीन वर्षों में कंपनी की स्वीकृत 60,000 करोड़ रुपये की उधारी सीमा पार हो जाएगी।
कंपनी ने कहा कि समय-समय पर कंपनी की चुकता शेयर पूंजी, मुक्त भंडार और प्रतिभूति प्रीमियम से अधिक राशि उधार लेने के लिए निदेशक मंडल को अधिकृत करने हेतु विशेष प्रस्ताव के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी जा रही है। हालांकि, बैंकों से सामान्य कारोबारी गतिविधियों के तहत लिए जाने वाले अस्थायी ऋण को छोड़कर कुल उधारी किसी भी समय 70,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी।
एनएचपीसी विभिन्न जलविद्युत एवं सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण कर रही है। इसके अलावा, कई जलविद्युत, सौर और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं, जिनका उल्लेख निदेशक मंडल की रिपोर्ट में किया गया है।
कंपनी ने कहा कि वह जलविद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा की विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से अपनी स्थापित क्षमता का तेजी से विस्तार कर रही है।
भाषा योगेश प्रेम
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