नीति आयोग ने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा की

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नीति आयोग ने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा की

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 08:24 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) नीति आयोग ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर विकास प्राथमिकताओं, नवाचार और चुनौतियों पर चर्चा की।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी, सदस्य एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के साथ पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस बैठक में रचनात्मक और परिणामोन्मुख चर्चा हुई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बैठक में संतुलित एवं समावेशी वृद्धि पर बल देते हुए कहा कि क्षेत्रीय असमानताओं से बचना जरूरी है। उन्होंने केंद्र, असम और नगालैंड के बीच हाल में हुए त्रिपक्षीय समझौते को सहकारी विकास का उदाहरण बताया।

शर्मा ने कहा कि असम देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य बनकर उभरा है और सामाजिक विकास के मानकों में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इस गति को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करने पर जोर दिया।

इस दौरान अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र तेज बदलाव के दौर से गुजर रहा है और वृद्धि का प्रमुख इंजन बन रहा है। उन्होंने खासकर पनबिजली क्षेत्र की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कौशल विकास को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने ‘सरकार आपके द्वार’ जैसे पहलों का भी उल्लेख किया।

चर्चा के दौरान मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कहा कि आर्थिक विकास का लाभ मानव विकास में दिखना चाहिए। उन्होंने ‘कायाकल्प सफर 2032’ का उल्लेख करते हुए क्षेत्रीय सहयोग और पर्यावरणीय स्थिरता पर जोर दिया।

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने 15वें वित्त आयोग के समर्थन को जारी रखने की जरूरत बताई और बुनियादी ढांचा, तेल-गैस खोज तथा कृषि क्षेत्र में संभावनाओं का जिक्र किया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंज सिंह ने राज्य में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया, जबकि सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने पर्यटन, संपर्क सुविधा और डिजिटल ढांचे के महत्व को रेखांकित किया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य की भौगोलिक चुनौतियों, कौशल अंतर और कनेक्टिविटी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया।

बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पर्यटन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सफल पहलों और नीतिगत नवाचारों के साझा करने पर भी चर्चा हुई।

नीति आयोग की सदस्य जोरम अनिया ने अपने समापन संदेश में कहा कि बैठक में उठाए गए सुझावों पर संबंधित मंत्रालयों के साथ मिलकर आगे काम किया जाएगा।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण