सोना 3,000 रुपये मजबूत, चांदी में 10,000 रुपये की तेजी

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सोना 3,000 रुपये मजबूत, चांदी में 10,000 रुपये की तेजी

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 08:06 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 08:06 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत 3,000 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। वहीं चांदी 10,000 रुपये बढ़कर 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अमेरिका-ईरान तनाव में कूटनीतिक समाधान के संकेतों से इन कीमती धातुओं में दिलचस्पी फिर से बढ़ गई है।

स्थानीय बाजार के जानकारों के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बृहस्पतिवार के 1,53,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव से 3,000 रुपये बढ़कर 1,56,900 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई।

चांदी की कीमत में भी जोरदार उछाल आया और यह 10,000 रुपये बढ़कर 2,55,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। पिछले सत्र में चांदी 2,45,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘शुक्रवार को सोने की कीमत में जोरदार उछाल आया। अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों ने कीमती धातुओं के बाजार धारणा को बेहतर बनाया।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ नियोजित सैन्य हमलों को रद्द करने की घोषणा के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बातचीत में प्रगति की खबरों ने भी इस सुधार में मदद की।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 4,206.88 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि चांदी भी 0.48 प्रतिशत घटकर 67.02 डॉलर प्रति औंस रह गई। हालांकि कुछ मुनाफावसूली के बावजूद इसने अपनी हाल की बढ़त का बड़ा हिस्सा बनाए रखा है।

मिराए एसेट शेरखान में जिंस मामलों के प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि बाजार ने ट्रंप के इस बयान का स्वागत किया कि समझौता पूरा होने के करीब है, हालांकि अभी भी कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कई सवाल और कमियां हैं, लेकिन बाजार उत्साहित हैं। परिणामस्वरूप, तेल की कीमतों में गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर सूचकांक और बॉन्ड प्रतिफल नीचे आए हैं। इससे सोना और जोखिम वाली संपत्तियां ऊपर चढ़ी हैं।’’

एनकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (शोध विश्लेषक) जतिन त्रिवेदी के अनुसार, निवेशक वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखेंगे और बातचीत में होने वाली प्रगति से ही सर्राफा की कीमतों की निकट भविष्य की दिशा तय होने की संभावना है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण