नीति आयोग एनएफएसए, रसोई गैस सब्सिडी के मूल्यांकन को तकनीकी सलाहकार नियुक्त करेगा
नीति आयोग एनएफएसए, रसोई गैस सब्सिडी के मूल्यांकन को तकनीकी सलाहकार नियुक्त करेगा
नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) नीति आयोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और रसोई गैस सब्सिडी के क्रियान्वयन का मूल्यांकन करने के लिए एक तकनीकी सलाहकार नियुक्त करने पर विचार कर रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
सरकारी शोध संस्थान के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) ने ‘‘ केंद्रीय समन्वय एजेंसी के लिए एक तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति को निविदा जारी की है। यह तकनीकी सलाहकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और रसोई गैस सब्सिडी का मूल्यांकन करेगा।’’
डीएमईओ ने आरएफपी (अनुरोध प्रस्ताव) दस्तावेज में कहा, ‘‘ सरकार 2013 में बने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के जरिये दुनिया में सबसे बड़े सार्वजनिक खाद्य व पोषण सुरक्षा नेटवर्क को स्थापित करती है।’’
दस्तावेज के अनुसार, ‘‘ बड़े सार्वजनिक व्यय के बावजूद, भारत में खाद्य सुरक्षा तथा पोषण संबंधी परिणामों में प्रगति धीमी रही है। वैश्विक स्तर पर भरपेट भोजन से वंचित लोगों में भारत का हिस्सा 30 प्रतिशत है।’’
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम योजनाओं के एक नेटवर्क के माध्यम से रियायती कीमतों पर खाद्यान्न के वितरण, पका हुआ भोजन, घर ले जाने के लिए राशन और खाद्य सुरक्षा भत्ते के लिए कानूनी आदेश प्रदान करता है। इन योजनाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस), एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) और मिड-डे-मील (एमडीएम) योजना शामिल है।
टीपीडीएस के तहत खाद्य सब्सिडी लागू करने की लागत 2021 (संशोधित अनुमान) में 4,22,618.11 करोड़ रुपये थी। एमडीएम तथा आईसीडीएस को लागू करने की लागत क्रमशः 12,900 करोड़ रुपये और 17,252.21 करोड़ रुपये (संशोधित अनुमान) थी।
भाषा निहारिका अजय
अजय

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