मुंबई, 27 अगस्त (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बृहस्पतिवार को कहा कि बाजार नियामक हाल में लागू ‘समापन नीलामी सत्र’ (सीएएस) व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं करेगा।
इसके साथ ही, पांडेय ने कहा कि स्टॉक एक्सचेंज एनएसई के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की मंजूरी के लिए दाखिल दस्तावेजों के मसौदे को स्वीकृति देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
बाजार नियामक सेबी के प्रमुख ने एनएसई क्लियरिंग की 30वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम से कहा, ‘‘फिलहाल हम सीएएस व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं देख रहे हैं और यह उसी तरह चल रही है। इसमें भागीदारी बढ़ेगी और सभी ब्रोकर अपने ऐप में इसे उपलब्ध कराएंगे।’’
सेबी ने बाजार में हेराफेरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तीन अगस्त से सीएएस लागू किया था। इसके तहत कारोबारी सत्र समाप्त होने से पहले निर्धारित समय में खरीद और बिक्री के ऑर्डर एकत्र किए जाते हैं और नीलामी आधारित ऑर्डर मिलान प्रक्रिया के जरिये उनका निष्पादन किया जाता है।
सीएएस लागू होने के बाद बाजार प्रतिभागियों ने इसकी कार्यप्रणाली को लेकर चिंताएं जताई थीं। पांडेय ने पहले इन्हें व्यवस्था से जुड़ी शुरुआती दिक्कतें बताते हुए प्रतिभागियों से नई प्रणाली को समझने और इसके अनुकूल तकनीकी प्रणालियां अपनाने को कहा था।
सेबी चेयरमैन ने 19 अगस्त को कहा था कि सीएएस में हेराफेरी कर उसे बदनाम करने की किसी भी कोशिश से सेबी सख्ती से निपटेगा। इसके कुछ ही घंटे बाद सेबी ने हेराफेरी के मामले में दो इकाइयों के खिलाफ आदेश जारी किए थे।
उन्होंने कहा कि सीएएस में हेराफेरी पकड़ने की सेबी की क्षमता ‘कारोबार की मात्रा के आधार पर भारित औसत कीमत’ (वीडब्ल्यूएपी) वाली पुरानी प्रणाली से अधिक है।
एनएसई के आईपीओ के बारे में पांडेय ने कहा कि नियामक उसके मसौदा दस्तावेज को मंजूरी देने के बेहद करीब है। उन्होंने यह भी कहा कि एनएसई को अपने ही मंच पर अपने शेयरों के कारोबार की अनुमति देने संबंधी कोई प्रस्ताव अभी सेबी के पास नहीं आया है। प्रस्ताव मिलने पर उसका आकलन किया जाएगा।
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