सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय की रूपरेखा नहीं: सीतारमण

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय की रूपरेखा नहीं: सीतारमण

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय की रूपरेखा नहीं: सीतारमण
Modified Date: February 23, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: February 23, 2026 8:37 pm IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार के पास सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय की कोई रूपरेखा नहीं है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में प्रस्तावित विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर एक उच्च-स्तरीय समिति इस विषय और अन्य पहलुओं पर गौर करेगी।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल को बजट के बाद संबोधित करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं किसी भी रूपरेखा से परिचित नहीं हूं… ऐसी कोई योजना अभी मौजूद नहीं है। बैंकों का विलय यहां चर्चा का विषय नहीं था, न ही बजट से पहले था। लेकिन अब जो समिति बनाई जा रही है, उसके कार्यक्षेत्र तय होने के बाद, वह भारतीय बैंकिंग को मजबूत बनाने के हर पहलू पर ध्यान देंगी।’

बजट में सीतारमण ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने और इसे देश के विकास लक्ष्यों के अनुरूप ढालने के लिए उच्च स्तरीय बैंकिंग समिति’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बैंक बेहतर तरीके से पूंजीकृत हैं और वे अगले चार-पांच साल तक ऋण वृद्धि को संभाल सकते हैं।

भाषा योगेश अजय

अजय


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