कोयले की कमी नहीं, 16.8 करोड़ टन का ‘बफर’ उपलब्ध: कोल इंडिया

कोयले की कमी नहीं, 16.8 करोड़ टन का ‘बफर’ उपलब्ध: कोल इंडिया

कोयले की कमी नहीं, 16.8 करोड़ टन का ‘बफर’ उपलब्ध: कोल इंडिया
Modified Date: May 26, 2026 / 03:59 pm IST
Published Date: May 26, 2026 3:59 pm IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लि. (सीआईएल) ने देश में शुष्क ईंधन की कमी की आशंकाओं को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि गर्मियों की मांग को पूरा करने के लिए उसने 16.8 करोड़ टन का ‘बफर’ बनाया है।

कंपनी ने कहा कि उसके पास घरेलू कोयला आधारित संयंत्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध है, जबकि तापीय ऊर्जा संयंत्रों द्वारा शुष्क ईंधन की दैनिक खपत में भारी वृद्धि हुई है।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने बयान में कहा कि 23 मई तक घरेलू कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में उसका कोयला भंडार 4.76 करोड़ टन था, जबकि 24 मई को खदानों में भंडार 11.35 करोड़ था, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है और यह स्तर 19 दिन की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

बयान में कहा गया, ‘‘इसके अतिरिक्त लगभग 30 लाख टन कोयला माल गोदामों और बंदरगाहों जैसे पारगमन केंद्रों पर पड़ा है।’’

पिछले वर्ष गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 242.77 गीगावाट थी, जो जून, 2025 में दर्ज की गई थी। लेकिन यह मांग सरकार के अनुमानित 277 गीगावाट से कम रही।

मई, 2024 में बिजली की अधिकतम मांग 250 गीगावाट तक पहुंच गई, जो उस समय एक रिकॉर्ड था और वह पिछली सबसे उच्चतम मांग 243.27 गीगावाट से भी अधिक थी। इससे पहले 243.27 गीगावाट की उच्चतम मांग सितंबर, 2023 में दर्ज की गई थी।

भाषा यासिर अजय

अजय


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