NPS Vatsalya Scheme: सामने आई NPS से जुड़ी बड़ी खबर… अब और भी आसान होगा खातों से पैसे निकालना, जानें क्या हुआ योजना में बदलाव?
NPS Vatsalya Scheme: एनपीएस योजना पहले सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए थी, लेकिन अब इसे नाबालिग बच्चों तक बढ़ा दिया गया है। पीएफआरडीए ने एनपीएस वात्सल्य योजना के नियमों में बदलाव कर पैसे निकालना आसान बना दिया है, जिससे निवेशक और परिवार दोनों के लिए सुविधा और लचीलापन बढ़ गया है।
(NPS Vatsalya scheme/ Image Credit: ANI News)
- एनपीएस वात्सल्य योजना अब नाबालिग बच्चों के लिए और आसान
- एकमुश्त निकासी: कुल राशि का 80% निकाल सकते हैं, 20% पेंशन में निवेश
- खाता 18 साल बाद बदलता है: अब बच्चा खुद खाता ऑपरेट कर सकता है
नई दिल्ली: NPS Vatsalya Scheme पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एनपीएस वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) को और आकर्षक बनाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब नाबालिग बच्चों के लिए यह योजना और अधिक सुविधाजनक हो गई है। नए नियमों के मुताबिक, खाता खोलने के 3 साल बाद आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है। शिक्षा, चिकित्सा और निर्दिष्ट विकलांगता जैसी परिस्थितियों में स्वयं के योगदान का 25% तक आंशिक निकासी की जा सकती है।
एकमुश्त निकासी के नए विकल्प (New Withdrawal Options)
नए नियमों के तहत 18 साल से पहले बच्चे दो बार और 18 से 21 साल की उम्र के बीच में दो बार आंशिक निकासी कर सकते हैं। इससे पहले यह सुविधा 18 साल तक तीन बार ही उपलब्ध था। इसके अलावा अब सदस्य एनपीएस टियर-1 में स्थानांतरित होने या कुल राशि का 80% तक एकमुश्त निकालने का विकल्प रख सकते हैं। बची हुई राशि का 20% पेंशन के लिए एन्युटी में निवेश करना आवश्यक है।
एकमुश्त निकासी आसान और सरल (Withdrawal Easy and Simple)
पीएफआरडीए के अनुसार, अगर खाते में कुल जमा राशि 8 लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी राशि निकालने की अनुमति है। पहले खाते में जमा राशि का कम से कम 80% हिस्सा पेंशन खरीदने के लिए इस्तेमाल करना अनिवार्य था। नए नियमों से योजना और आकर्षक बन गई है और इससे माता-पिता अपने बच्चों के लिए खाते खोलने के लिए प्रेरित होंगे।
एनपीएस वात्सल्य योजना क्या है? (What is NPS Vatsalya Scheme?)
एनपीएस वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए शुरू की गई है। यह योजना एनपीएस का ही हिस्सा है, लेकिन इसमें केवल बच्चों के नाम पर खाता खुलता है। खाता अभिभावकों द्वारा संचालित होता है, जबकि लाभार्थी बच्चा ही होता है। इस योजना का उद्देश्य लंबी अवधि में बच्चों के लिए मोटा रिटायरमेंट फंड तैयार करना है और इसमें कम्पाउंडिंग का फायदा भी मिलता है।
बच्चों का खाता कैसे खोलें? (How to Open a Children’s Account?)
18 साल से कम उम्र के बच्चों का परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर जारी किया जाता है। खाते को माता-पिता या अभिभावक संचालित करते हैं। न्यूनतम निवेश राशि 1,000 रुपये है और कोई भी अधिकतम राशि जमा कर सकता है। खाते को SBI, HDFC, Bank of Baroda, Post Office या एनपीएस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खोला जा सकता है। बच्चे के 18 साल पूरे होने के बाद खाता ऑटोमेटिक टियर-1 में बदल जाता है और अब बच्चा खुद खाता ऑपरेट कर सकता है। इसके अलावा, निवेश पर धारा 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये तक अतिरिक्त टैक्स छूट भी मिलती है।
इन्हें भी पढ़ें:
- Tata January 2026 Discount: Tata Punch की एंट्री से अचानक गिरी इन कारों की कीमतें, जानिए कौन सी वेरिएंट कितनी हुई सस्ती?
- Tej Pratap Yadav Feast: तेज प्रताप लौटेंगे RJD में! पिता लालू यादव ने दिया बड़ा बयान.. लेकिन राबड़ी–तेजस्वी क्यों रहे दही-चूड़ा भोज से गायब?
- MP Weather Update: IMD ने दी बड़ी चेतावनी! अगले चार दिन तक रहेगा मौसम का ये हाल, फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त, जानें कब मिलेगी राहत

Facebook


