पश्चिम एशिया संकट के दौरान ईंधन बिक्री पर पेट्रोलियम कंपनियों को 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान: पुरी

पश्चिम एशिया संकट के दौरान ईंधन बिक्री पर पेट्रोलियम कंपनियों को 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान: पुरी

पश्चिम एशिया संकट के दौरान ईंधन बिक्री पर पेट्रोलियम कंपनियों को 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान: पुरी
Modified Date: July 2, 2026 / 04:57 pm IST
Published Date: July 2, 2026 4:57 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल से सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बेचने के कारण पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को 30 जून तक की अवधि में 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

पुरी ने संवाददाताओं से कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अब कम हो गई हैं, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां अब भी उस कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर रही हैं जिसे पश्चिम एशिया संकट के चरम होने के दौरान खरीदा गया था।

कंपनियां ईंधन उत्पादन के लिए कच्चा तेल आमतौर पर कम-से-कम दो महीने पहले खरीदती हैं। ऐसे में वर्तमान में जिस कच्चे तेल का प्रसंस्करण हो रहा है, वह मुख्य रूप से अप्रैल या मई की शुरुआत में खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें काफी ऊंची थीं।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के सवाल पर पुरी ने कहा कि यदि अगले कुछ सप्ताह तक कच्चे तेल की कीमतें निचले स्तर पर बनी रहती हैं, तो यह एक उचित सवाल होगा।

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने को लेकर सहमति बनने के बाद जून के दूसरे पखवाड़े से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आनी शुरू हुई है।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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