बीते सप्ताह तेल-तिलहन कीमतों में सुधार, सोयाबीन दाने में गिरावट

बीते सप्ताह तेल-तिलहन कीमतों में सुधार, सोयाबीन दाने में गिरावट

बीते सप्ताह तेल-तिलहन कीमतों में सुधार, सोयाबीन दाने में गिरावट
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: January 16, 2022 1:40 am IST

Oil-oilseeds prices improve last week  : नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) विदेशी बाजारों में तेजी तथा देशभर की मंडियों में तिलहनों की आवक काफी कम रहने के बीच बीते सप्ताह देशभर के तेल-तिलहन बाजार में लगभग सभी तेल-तिलहनों की कीमतों में सुधार दिखा जबकि तेल रहित खल (डीओसी) की मांग कमजोर होने और आयात सस्ता बैठने से सोयाबीन तेल-तिलहन के भाव में हानि दर्ज हुई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि किसान नीचे भाव में मूंगफली की बिक्री से बच रहे हैं जबकि पिछले चार-पांच महीनों में मूंगफली तेल के भाव लगभग 20 प्रतिशत घट गये हैं। इसके साथ विदेशी बाजारों में तेजी रहने की वजह से समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया। बीते सप्ताह मूंगफली की वजह से बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार आया।

उन्होंने कहा कि जाड़े के मौसम के कारण देश में कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन की मांग कम है। मलेशिया ने इन तेलों के दाम इस कदर बढ़ा रखे हैं कि आयात के बाद सीपीओ, पामोलीन का भाव हल्के तेल में गिने जाने वाले सोयाबीन डीगम से भी महंगा बैठता है। सीपीओ, पामोलीन के भाव में इस वृद्धि के कारण सुधार दिख रहा है जबकि बाजार में मांग काफी कम है। बेपड़ता कारोबार की वजह से पामोलीन के भाव में भी सुधार है। हालत यह है कि सीपीओ का प्रसंस्करण कर तेल बनाने की लागत कहीं ऊंचा पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद सीपीओ का भाव पामोलीन से अधिक है।

सूत्रों ने कहा कि सरसों की उपलब्धता काफी कम रह गई है। सप्ताह के दौरान कोटा, सलोनी वालों ने सरसों का दाम 8,250 रुपये से बढ़ाकर लगभग 8,500 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। देश में 5-7 हजार की संख्या में सरसों की छोटी पेराई मिलें हैं और ये मिलें खुदरा ग्राहकों को माल बेचती हैं। इनकी प्रति मिल औसत दैनिक मांग पांच से 15 बोरी के लगभग है। सरसों खल की मांग होने से इसके दाम में पिछले सप्ताह कुल 150 रुपये क्विंटल की वृद्धि हुई है। उपलब्धता कम होने के साथ मांग बढ़ने से सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की मांग का कम रहना है। सोयाबीन की पेराई के बाद की लागत में वृद्धि होने के मुकाबले सोयाबीन डीगम तेल का आयात करना कहीं फायदेमंद साबित हो रहा है। पिछले सप्ताह सरकार ने सोयाबीन डीगम का आयात शुल्क मूल्य भी कम किया है। इसके साथ ही भाव बेपड़ता बैठने से सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट है।

उन्होंने कहा कि अधिकतम खुदरा मूल्य के संदर्भ में भी सरकार को लगातार निगरानी रखनी होगी और शुल्क कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को दिलाना सुनिश्चित करना होगा। इस अवधारणा को जमीनी हकीकत बनाने के लिए सरकार को फिर से सर्वे करानी चाहिये क्योंकि कुछ कंपनियां अब भी ग्राहकों से ऊंचा दाम ले रही हैं।

सूत्रों ने उदाहरण देते हुए बताया कि सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी का आयात करने का भाव मामूली अंतर के साथ लगभग एक समान है लेकिन स्थानीय खुदरा बाजार में सूरजमुखी तेल, सोयाबीन के मुकाबले लगभग 20 प्रतिशत कैसे ऊंचा बिक रहा है। उल्लेखनीय है कि लगभग 97 प्रतिशत सूरजमुखी तेल का यूक्रेन से आयात किया जाता है। खुदरा बाजार में यही हाल सरसों तेल और मूंगफली तेल का भी है। इसकी सख्त निगरानी करना जरूरी है क्योंकि एमआरपी का नाजायज फायदा बड़ी दुकानें, बड़े मॉल और परचून विक्रेता उठाते हैं।

सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाने का भाव 50 रुपये सुधरकर 8,295-8,325 रुपये प्रति क्विंटल हो गया, जो पिछले सप्ताहांत 8,245-8,275 रुपये प्रति क्विंटल था। सरसों दादरी तेल का भाव पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 225 रुपये सुधरकर समीक्षाधीन सप्ताहांत में 16,850 रुपये क्विंटल हो गया। वहीं सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी तेल की कीमत क्रमश: 30-30 रुपये सुधरकर क्रमश: 2,520-2,645 रुपये और 2,700-2,815 रुपये प्रति टिन हो गईं।

सूत्रों ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताहांत में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज के भाव क्रमश: 105 रुपये और 50 रुपये की हानि के साथ क्रमश: 6,475-6,500 रुपये और 6,315-6,365 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन तेल कीमतों में भी गिरावट दिखाई दी। सोयाबीन दिल्ली, इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश: 70 रुपये, 80 रुपये और 50 रुपये की गिरावट दर्शाते क्रमश: 12,810 रुपये, 11,550 रुपये और 11,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में सुधार के आम रुख के अनुरूप समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली दाना, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली सॉल्वेंट के भाव में सुधार आया। मूंगफली दाना और मूंगफली तेल गुजरात का भाव क्रमश: 150 रुपये और 450 रुपये का सुधार दर्शाता क्रमश: 5,840-5,930 रुपये, 13,000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मूंगफली सॉल्वेंट 70 रुपये के सुधार के साथ 1,910-2,035 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।

मलेशिया में बाजार के मजबूत होने से समीक्षाधीन सप्ताहांत में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार दिखा। सीपीओ का भाव 130 रुपये बढ़कर 11,180 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव भी 50 रुपये का सुधार दर्शाता 12,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ, जबकि पामोलीन कांडला का भाव 11,400 रुपये प्रति क्विंटल पर अपरिवर्तित रहा।

बिनौला तेल का भाव 200 रुपये का सुधार दर्शाता 12,000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

भाषा राजेश

अजय

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