एआई में दक्ष प्रतिभाएं तैयार करने को ओपनएआई का आईआईटी-दिल्ली, आईआईएम-अहमदाबाद से करार

एआई में दक्ष प्रतिभाएं तैयार करने को ओपनएआई का आईआईटी-दिल्ली, आईआईएम-अहमदाबाद से करार

एआई में दक्ष प्रतिभाएं तैयार करने को ओपनएआई का आईआईटी-दिल्ली, आईआईएम-अहमदाबाद से करार
Modified Date: February 18, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: February 18, 2026 4:22 pm IST

नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) ‘ओपनएआई’ ने बुधवार को देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी की घोषणा की। इसका उद्देश्य प्रबंधन, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्रों में कृत्रिम मेधा (एआई) को शामिल कर प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एआई में कुशल प्रतिभा तैयार करना है।

ओपनएआई ने बयान में कहा कि इस पहल के पहले चरण में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली, भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नयी दिल्ली, मणिपाल अकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (माहे), यूपीईएस और पर्ल अकेडमी शामिल हैं।

इस पहल के माध्यम से अगले एक वर्ष के दौरान एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य केवल एआई उपकरणों तक पहुंच उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक शुचिता और जिम्मेदार उपयोग के सिद्धांतों के साथ पूरे परिसर में इसका एकीकरण सुनिश्चित करना है।

ओपनएआई इंडिया के शिक्षा प्रमुख राघव गुप्ता ने कहा, ‘‘भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार पीढ़ी के निर्माण को एआई साक्षरता अनिवार्य है। अध्ययनों का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक पेशेवरों के लगभग 40 प्रतिशत मुख्य कौशल, जिन पर वे आज निर्भर हैं, बदल जाएंगे और इसका मुख्य कारण एआई प्रौद्योगिकी होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद, एआई उपकरणों की क्षमता और लोगों द्वारा उनके वास्तविक उपयोग के बीच एक बड़ा अंतर बना हुआ है। शिक्षण संस्थान इस अंतर को पाटने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे में एआई उपकरणों, प्रशिक्षण और अनुसंधान को शामिल करके, वे छात्रों को उन कौशलों से लैस कर सकते हैं जो कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक हैं।’’

इस सहयोग के तहत ‘एंटरप्राइज-ग्रेड’ चैटजीपीटी शिक्षा तक पहुंच, व्यवस्थित प्रशिक्षण (ऑनबोर्डिंग), विषय-विशिष्ट कार्यान्वयन मार्गदर्शन और संस्थान की नीतियों के अनुरूप ‘जिम्मेदार-उपयोग’ का ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।

एआई की दक्षता को मुख्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं जैसे कि एडवांस्ड प्रॉम्प्टिंग, एनालिटिक्स, कोडिंग, सिमुलेशन, केस विश्लेषण और एआई-सहायता प्राप्त अनुसंधान (रिसर्च) में एकीकृत किया जाएगा। ओपनएआई द्वारा हैकाथॉन, ‘बिल्ड डेज़’ और ‘इंडस्ट्री डेज़’ का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि परिसरों में हो रहे नवाचार को स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी उद्यमों के साथ जोड़ा जा सके।

भाषा सुमित अजय

अजय


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