मेघालय की लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक ब्रांड बनाने के लिए 175 करोड़ रुपये का मिशन शुरू

मेघालय की लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक ब्रांड बनाने के लिए 175 करोड़ रुपये का मिशन शुरू

मेघालय की लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक ब्रांड बनाने के लिए 175 करोड़ रुपये का मिशन शुरू
Modified Date: July 21, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: July 21, 2026 7:01 pm IST

शिलांग, 21 जुलाई (भाषा) पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मंगलवार को मेघालय की जीआई-प्रमाणित लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने लायक ब्रांड बनाने के लिए 175.45 करोड़ रुपये का मिशन शुरू किया।

इसका मकसद अगले पांच साल में किसानों की आय दोगुनी करना और खेती का दायरा बढ़ाना है।

अधिकारियों ने बताया कि ‘मेघालय लाकाडोंग हल्दी एकीकृत विकास मिशन’ का मकसद वेस्ट और ईस्ट जयंतिया हिल्स के 17,500 से ज्यादा किसानों को फायदा पहुंचाना है। इसके लिए खेती और प्रमाणीकरण से लेकर प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, मूल्यवर्धन और निर्यात तक पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जाएगा।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय), नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (एनईसी), कृषि मंत्रालय और मेघालय सरकार के मिले-जुले वित्तपोषण से चलने वाले इस मिशन को नयी दिल्ली के संचार भवन में मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और राज्य के कृषि की मौजूदगी में पेश किया गया।

इस पहल को ‘‘मिशन गोल्डन स्पाइस’’ बताते हुए सिंधिया ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दिखाता है जिसमें पूर्वोत्तर की खास खूबियों का इस्तेमाल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए किया जाना है।

मंत्री ने कहा कि यह मिशन प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाकर, मजबूरी में की जाने वाली बिक्री को कम करके और मूल्यवर्धन बढ़ाकर लाकाडोंग हल्दी की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि इसका मकसद वर्ष 2030 तक किसानों की कमाई को दोगुना करके 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचाना है।

इस कार्यक्रम में लाकाडोंग हल्दी की खेती के दायरे को 2,500 हेक्टेयर से बढ़ाकर 7,000 हेक्टेयर करना और अमेरिका, यूरोपीय संघ, जापान और खाड़ी देशों जैसे बाजार में निर्यात को बढ़ावा देना भी शामिल है।

सिंधिया ने कहा कि यह पहल महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जी-7 सम्मेलन में दिखाए जाने के बाद लाकाडोंग हल्दी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम से हज़ारों किसानों और उद्यमियों, खासकर हल्दी की खेती और प्रसंस्करण में शामिल महिलाओं की आजीविका में काफी सुधार होगा।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

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