वैश्विक अनिश्चितता के बीच संसदीय समिति करेगी देश के आर्थिक हालात की समीक्षा

वैश्विक अनिश्चितता के बीच संसदीय समिति करेगी देश के आर्थिक हालात की समीक्षा

वैश्विक अनिश्चितता के बीच संसदीय समिति करेगी देश के आर्थिक हालात की समीक्षा
Modified Date: June 21, 2026 / 10:26 am IST
Published Date: June 21, 2026 10:26 am IST

नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) भू राजनीतिक और शुल्क संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि दर प्रभावित होने की आशंका के चलते संसद की एक समिति ने देश के बदलते आर्थिक हालात की समीक्षा करने का फैसला किया है।

लोकसभा बुलेटिन के मुताबिक, वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने साल 2025-26 के दौरान विस्तृत समीक्षा के लिए ‘देश में बदलते आर्थिक हालत’ को एक अतिरिक्त विषय के तौर पर चुना है।

संसदीय समिति गठन के तुरंत बाद अपने विषय चुनती है। हालांकि, बदलते हालात में उन्हें अतिरिक्त विषय चुनने की स्वतंत्रता होती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था के 2025-26 (अप्रैल-मार्च) में 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जिसमें जनवरी-मार्च तिमाही की 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है।

भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 2024-25 में 7.1 प्रतिशत रही थी।

हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर धीमी होकर 6.6 प्रतिशत पर आ जाएगी क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव से दुनिया भर में उर्वरक और ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। भारत कच्चे तेल और उर्वरक दोनों का शुद्ध आयातक है।

समिति अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले वित्त मंत्रालय, आरबीआई, अर्थशास्त्रियों और अन्य अंशधारकों से स्थिति के बारे में जानकारी हासिल कर सकती है।

इस समीक्षा में आर्थिक वृद्धि, महंगाई, रोजगार, निवेश के रुख, राजकोषीय प्रबंधन, बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति, व्यापर और भारत पर वैश्विक घटनाक्रमों के असर जैसे विषय शामिल होने की उम्मीद है।

समिति का यह अध्ययन ऐसे समय में और अहम हो जाता है जब भारत भू राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट, व्यापार की अनिश्चितता और जिंस कीमतों में उतार-चढ़ाव से पैदा होने वाली चुनौतियों का सामना कर रहा है।

वित्त वर्ष 2026-27 के समय के लिए भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने वित्त, कॉरपोरेट मामलों, योजना और सांख्यिकी सहित अलग-अलग मंत्रालयों के विषय चुने हैं।

भाषा अजय अजय

अजय


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