पासवान ने डेयरी उद्योग से वैश्विक बढ़त के लिए गुणवत्ता नियमों का पालन करने को कहा

पासवान ने डेयरी उद्योग से वैश्विक बढ़त के लिए गुणवत्ता नियमों का पालन करने को कहा

पासवान ने डेयरी उद्योग से वैश्विक बढ़त के लिए गुणवत्ता नियमों का पालन करने को कहा
Modified Date: February 12, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: February 12, 2026 9:09 pm IST

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को डेयरी उद्योग से गुणवत्ता नियमों का पालन करने का अनुरोध करते हुए कहा कि नियमों का पालन न करने से बाजार पहुंच कम होती है और धोखेबाज कंपनियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है।

पासवान ने इंडियन डेयरी एसोसिएशन (उत्तरी क्षेत्र) द्वारा आयोजित 52वें डेयरी उद्योग सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में खुद को दुनिया के डेयरी आपूर्ति केंद्र के रूप में स्थापित करने की क्षमता है और यह बेहतर संगठन एवं रणनीतिक बाजार पहुंच के जरिये वैश्विक अभाव को दूर कर सकता है।

उन्होंने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत बनाने में डेयरी क्षेत्र की भूमिका को अहम बताते हुए कहा, ‘‘आज भारत में खुद को वैश्विक आपूर्ति केंद्र के रूप में पेश करने की क्षमता है। हमें केवल इस दिशा में अधिक संगठित, सुव्यवस्थित और समन्वित तरीके से आगे बढ़ने की जरूरत है।”

मंत्री ने कहा कि जब सरकार जीएसटी से जुड़े मुद्दों को हल करती है और केंद्रीय योजनाओं के जरिये डेयरी प्रसंस्करण को बढ़ावा देती है तो उन्हें लागू करना और यह सुनिश्चित करना उद्योग की ज़िम्मेदारी है कि गुणवत्ता वाले उत्पादों की पहुंच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के उपभोक्ताओं तक हो।

उन्होंने उत्पादों गुणवत्ता को वैश्विक मानक तक पहुंचाने के लिए सभी डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों में सामूहिक प्रयास करने की जरूरत पर बल दिया।

पासवान ने कहा, ‘‘भारतीय डेयरी उत्पादों को न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरे करने चाहिए, बल्कि उन्हें निर्धारित भी करना चाहिए ताकि वैश्विक बाजारों और घरों में उनकी मज़बूत मौजूदगी पक्की हो सके।’’

इस मौके पर मछली पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में दूध का उत्पादन 69.41 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2024-25 में 24 करोड़ 78.7 लाख टन तक पहुंच गया है।

बघेल ने कहा, ‘‘सालाना वृद्धि 6.31 प्रतिशत रही है जबकि वैश्विक वृद्धि दर महज दो प्रतिशत है। हमने दुनिया के औसत से तीन गुना ज़्यादा वृद्धि की है।’’

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का 25 प्रतिशत दूध उत्पादन करता है और दूध उत्पादन में दुनिया भर में पहले स्थान पर है।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम


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